उन्होंने कहा कि ये जानते हुए कि भारत की सबसे बड़ी कमजोरी यही जाति वैमनस्यता थी, क्योंकि क्या नहीं था भारत के पास। बल, वैभव, विद्या सबकुछ था यहां। दुनिया में तूती बोलती थी भारत की, लेकिन जाति वैमनस्यता ने इतनी गहरी खाई को चौड़ा किया कि चंद विदेशी आक्रांता आए और हम पर शासन करने लगे। सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करने का जो काम इतिहास में किया गया, आज वही काम ये जातिवादी और वंशवादी नेता कर रहे हैं। सीएम ने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि वे अच्छे अधिवक्ता, इंजीनियर, डॉक्टर, अधिकारी बनें और आपकी वहां की अच्छाई की चमक आपको स्वत: राजनीति में आने के लिए प्रेरित कर सकती है। राजनीति खुद आपकी डिमांड करेगी। आपको उसके पीछे नहीं जाना होगा। राजनीति, पद प्रतिष्ठा हमारे पीछे आएगी, हमें इतना परिश्रम करना होगा।
बालिकाएं तनाव में कम रहती हैं
सीएम योगी ने कहा कि जब आप कक्षा में मेरिट में स्थान प्राप्त करते हैं तो ये प्रत्यक्ष रूप से ये आपका परिश्रम है, मगर इसके पीछे, आपके विद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण और परिजनों का भी परिश्रम शामिल है। हर प्रकार के सार्थक प्रयास जब सामूहिक रूप से आगे बढ़ते हैं तो हमें अच्छे परिणाम भी देखने को मिलते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें 2047 में पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप एक विकसित भारत बनाना है। यह तभी संभव होगा जब हम एक अच्छा नागरिक बनेंगे और सामूहिक प्रयास से आगे बढ़ेंगे। मेधावी छात्र-छात्राओं को हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यहां छात्राओं की संख्या बहुत अधिक है। बालिकाओं ने बोर्ड की परीक्षा में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है। ये बताता है कि बालिकाएं तनाव में कम रहती हैं और मेहनत ज्यादा करती हैं। मुख्यमंत्री से प्रश्न पूछने वाले छात्र-छात्राओं में कृष्णा तिवारी, सोनम पाठक, इशान पचौरी, शांभवी द्विवेदी और कृष्णा शामिल रहे। इस अवसर पर सीएम योगी ने विभिन्न परीक्षाओं में मेरिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्रीगण गुलाब देवी, कपिल देव अग्रवाल, दयाशंकर सिंह, संदीप सिंह के अलावा वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, अभिभावक और पत्रकार मौजूद रहे।