केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में एमडी पाठ्यक्रम की सीटें तीन गुना हो गई हैं। अब यहां हर साल पांच के बजाय 15 परास्नातक डॉक्टरों को डिग्री मिल सकेगी। विभाग के प्रस्ताव पर नेशनल मेडिकल कमीशन ने अपनी मुहर लगा दी है। यह जानकारी विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण की वजह से सांस संबंधी रोगों में तेजी आती जा रही है। इन मरीजों के इलाज के लिए ज्यादा संख्या में विशेषज्ञ चाहिए। इसको देखते हुए विभाग की ओर से नेशनल मेडिकल कमीशन के पास आवेदन किया गया था।
आयोग की टीम ने विभाग के निरीक्षण के बाद सीटों की बढ़ोत्तरी पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके बाद अब यहां 15 सीट पर दाखिले हो सकेंगे। इसकी वजह से यहां डॉक्टरों पर दबाव कम होगा तथा मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा। केजीएमयू के वीसी डॉ. बिपिन पुरी ने सीट बढ़ने पर विभाग की प्रशंसा की और डॉ. सूर्यकांत को बधाई दी।