आखिरकार एलएमआरसी के टेक्नोक्रेट एमडी के चयन की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई और 15 अभ्यर्थियों में से एक का चयन कर लिया गया।
हालांकि प्रबंध निदेशक कौन होगा, इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है। चयन की फाइल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज दी गई है और नाम की घोषणा उनकी ओर से ही की जाएगी।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार, एलएमआरसी के प्रमुख सलाहकार ई. श्रीधरन और मुख्य सचिव आलोक रंजन की कमेटी ने बुधवार को लगभग तीन घंटे में साक्षात्कार पूरे किए।
इंटरव्यू देने वालों में अधिकांश रेलवे और डीएमआरसी के ही आला अधिकारी शामिल रहे।
15 अगस्त को कार्यभार संभालेंगे नए एमडी
मेट्रो मैन ई. श्रीधरन ने बताया कि वह नाम नहीं बता सकते हैं। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री की ओर से दी जाएगी। हां, इतना जरूर कहा जा सकता है कि एमडी बनने वाले को मेट्रो और रेलवे दोनों ही क्षेत्रों का अच्छा अनुभव है।
15 अगस्त तक नया एमडी यहां पदभार संभाल लेगा। फिलहाल एमडी पद के लिए ही इंटरव्यू हुआ है। प्रबंध निदेशक पद की औपचारिकता पूरी होने के बाद बाकी निदेशकों का साक्षात्कार होगा।
मुख्य सचिव आलोक रंजन के एनेक्सी स्थित ऑफिस में इंटरव्यू लिया गया। लंच के बाद श्रीधरन ने एलएमआरसी के जनपथ स्थित ऑफिस में अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की।
इसमें जरूरी दिशा निर्देश दिए गए। इसके बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि एमडी के नाम का अनुमोदन मुख्यमंत्री करेंगे। उन्होंने अन्य 14 अभ्यर्थियों के नाम बताने से भी इन्कार कर दिया।
ये रहा चयन का आधार
- मेट्रो और रेलवे क्षेत्र का अनुभव
- कार्य के दौरान की उपलब्धियां
- साफ-सुथरा ट्रैक रिकार्ड
पांच साल का होगा कार्यकाल
एलएमआरसी का एमडी पांच साल के समय के लिए होगा। प्रमुख सलाहकार ई. श्रीधरन ने बताया कि वह खुद भी करीब 15 साल तक डीएमआरसी के एमडी रहे। कम से कम पांच साल का कार्यकाल तो एक प्रबंध निदेशक को मिलना ही चाहिए। तभी उससे बेहतर काम लिया जा सकेगा।
अफसर परिणाम जानने को रहे उत्सुक
रेलवे और मेट्रो के आला अधिकारी अपना रिजल्ट जानने को लेकर इतने अधिक इच्छुक रहे कि, वे एलएमआरसी के अधिकारियों को फोन कर के अपना परिणाम पूछते रहे। राजधानी में डीआरएम रहे एक अफसर ने भी एमडी पद का इंटरव्यू दिया। वे एमडी के दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं।