आलमबाग निवासी सुमित सिद्धार्थ गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा था। मंगलवार की सुबह न्यू यूजी छात्रावास के कमरा नंबर 119 में उसका शव फंदे से लटकता मिला। छात्र की खुदकुशी की सूचना से कॉलेज में अफरातफरी मच गई। आत्महत्या का कारण डिप्रेशन माना जा रहा है।
कहा जा रहा कि तीन विषयों में सप्लीमेंट्री आया था। माइक्रोबॉयोलॉजी, फार्मा और पैथोलॉजी विषय में उसे पासिंग मॉर्क्स नहीं मिले थे। सोमवार को सुमित सिद्धार्थ का पैथोलॉजी का सप्लीमेंट्री पेपर था।
रविवार की रात से ही नजर न आए सुमित के बगल के कमरे में रहने वाले साथी ने मंगलवार की सुबह उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर और छात्र वहां आ गए। सुबह नौ बजे के करीब दरवाजे के ऊपर लगी जारी से छात्रों ने झांका तो देखा कि उसका शव पंखे से लगे फंदे से लटक रहा था।
छात्रों ने वार्डन डॉ. शहबाज अहमद को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वार्डन और असिस्टेंट वार्डन डॉ. विनय सिंह ने प्राचार्य गणेश कुमार को और उन्होंने गुलरिहा थानाध्यक्ष और मेडिकल कॉलेज चौकी इंचार्ज को जानकारी दी। बाद में प्राचार्य की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। सुमित का घर आलमबाग के 570/557 विराटनगर में है। पिता राजेंद्र पटना में इंडियन डिफेंस ऑडिट में डायरेक्टर पद पर तैनात हैं। शाम को वह गोरखपुर पहुंचे।