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यूपी: 35 लाख में बिक रही MBBS की सीट

Thu, 03 Jul 2014 05:23 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों का सौदा 35 लाख रुपये तक में किया जा रहा है। एमडी और एमएस की सीटों के लिए तो करोड़ों का खेल होता है।
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निजी मेडिकल कॉलजों की मनमानी का यह खेल यूपी सरकार भी जानती है, लेकिन वह कार्रवाई नहीं कर रही। बसपा ने बुधवार को यह आरोप विधानपरिषद में लगाया।

इस पर नेता सदन व स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि सरकार मामले की जांच करा रही है। सभापति ने सरकार को इस मामले की पूरी रिपोर्ट 14 या 15 जुलाई को सदन में रखने का निर्देश दिया।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने लगाए संगीन आरोप

नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और सदन के सदस्य सुनील कुमार चित्तौड़ ने कार्यस्थगन प्रस्ताव में निजी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी का मामला उठाया।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा के स्तर में लगातार गिरावट आ रही है। निजी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा को चौपट करते जा रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर डॉक्टरी डिग्रियां बेची जा रही हैं। रुपये लेकर डॉक्टर बनाए जा रहे हैं।

सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इन आरोपों पर जवाब देते हुए अहमद हसन ने कहा कि सरकार इस मामले में गंभीर है और जांच करा रही है।

तब सभापति गणेश शंकर पांडेय ने सरकार को अगली बैठक में 14 या 15 जुलाई को पूरी रिपोर्ट रखने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इस सिलसिले में बसपा की तरफ से दी गई कार्यस्थगन सूचना पर भी वह इस रिपोर्ट के आने के बाद ही फैसला करेंगे।

जिसका डोनेशन तय, उसी का दाखिला

विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और सदस्य चित्तौड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा का प्रावधान किया था।

ये कॉलेज प्रवेश परीक्षा तो करवा लेते हैं लेकिन उसका परिणाम तक घोषित नहीं करते।

जिसका डोनेशन तय हो जाता है, उसी का एडमिशन हो जाता है। आरक्षण नियमों को भी ताक पर रख दिया जाता है।
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एक खुलासा यह भी

राजधानी के बड़े भूभाग का पानी पीने लायक नहीं है। इसमें आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने के कारण विकलांगता का खतरा मंडरा रहा है।

भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान ने लखनऊ के 30 स्थानों से पानी के नमूने लिए। इनमें से 20 नमूनों में फ्लोराइड की मात्रा तो 17 में मैग्नीशियम की मात्रा मानक से ज्यादा पाई गई।

विधानपरिषद में बुधवार को भाजपा ने यह मामला उठाया तो सभापति गणेश शंकर पांडेय ने सरकार को इस मामले में जांच का निर्देश दिया।
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