लखनऊ। शहर में बढ़ती सीवर की शिकायतों पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि 90 फीसदी शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि नहीं मिली तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार शाम को कैंप कार्यालय में महापौर ने जलकल विभाग और सुएज इंडिया के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। यहां सुपर सकर मशीनों के पर्याप्त उपयोग न होने का मुद्दा उठा। उन्होंने कहा कि शिकायत करने पर लोगों को मशीन खराब है या मशीन उपलब्ध नहीं कहकर टाल दिया जाता है। ऐसा नहीं चलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीवर शिकायतों के निस्तारण के बाद कम से कम 90 फीसदी शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया जाए। अलीगंज और जोन-6 से लगातार शिकायतें आ रही हैं।
महापौर ने कहा कि कंपनी किराये की मशीनों पर निर्भर न रहे। वह खुद मशीनें खरीदे और एक महीने के अंदर हर जोन में सुपर सकर मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करे। इंदिरानगर के इस्माइलगंज, बुद्ध विहार और तकरोही क्षेत्रों की शिकायतों को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। जियामऊ में बिछी सीवर लाइन को तत्काल साफ कराने को कहा। महापौर ने कहा कि जब तक लाइन साफ नहीं होगी, कनेक्शन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
सीवर को लेकर नाराजगी जताते लोग।