मायावती ने पार्टी नेताओं को गठबंधन पर भी मुंह बंद रखने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनावी गठबंधन की घोषणा नहीं होती तब तक पार्टी के किसी भी व्यक्ति को कहीं भी किसी स्तर पर कुछ भी बात नहीं करनी है। पार्टी के लोगों को यह मामला हाईकमान पर छोड़ देना चाहिए।
माया ने भाई को हटाकर जयप्रकाश को बनाया था उपाध्यक्ष
जयप्रकाश सिंह को बसपा सुप्रीमो मायावती ने करीब दो माह पहले अपने भाई आनंद कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाकर यह जिम्मेदारी सौंपी थी। साथ ही पार्टी संविधान में बदलाव कर उन्हें और राज्यसभा सदस्य वीर सिंह को राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बनाकर महत्व दिया था।
जयप्रकाश के नाम ने सभी को चौंका दिया था क्योंकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनने से पहले उन्होंने बसपा में निचले स्तर पर कभी कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई थी।