कृषि निदेशक सोराज सिंह कम वर्षा के चलते बोआई प्रभावित होने की बात स्वीकारते हुए कहते हैं कि विभाग अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 31 जुलाई तक इंतजार करेगा। अगर इस अवधि में अच्छी बारिश हो गई तो तेजी से बोआई का रकबा बढ़ेगा। इसके बाद, बोेआई की जो भी स्थिति होगी, उसे शासन को भेजा जाएगा। सूखे का आकलन कृषि विभाग के बजाय राजस्व विभाग करता है।
इन 30 जिलों में सूखे की स्थिति (सामान्य से 40 प्रतिशत कम वर्षा)
वाराणसी, पीलीभीत, महराजगंज, संतकबीरनगर, रायबरेली, जालौन, रामपुर, बस्ती, ललितपुर, गाजीपुर, बदायूं, इटावा, देवरिया, आजमगढ़, जौनपुर, अमरोहा, कानपुर देहात, महोबा, बलिया, गौतमबुद्धनगर, फतेहपुर, औरेया, कौशांबी, गाजियाबाद, कासगंज, मैनपुरी, कुशीनगर, मऊ, चंदौली, चित्रकूट।
इन 26 जिलों में अत्यधिक कम वर्षा (सामान्य से 40-60 फीसदी)
हमीरपुर, संभल, सीतापुर, अमेठी, अलीगढ़, संत रविदासनगर, सोनभद्र, बांदा, झांसी, बरेली, गोंडा, फिरोजाबाद, हापुड़, बिजनौर, फैजाबाद, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, बुलंदशहर, उन्नाव, मिर्जापुर, इलाहाबाद, कानपुर नगर, प्रतापगढ़, शामली, हरदोई।