बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि सावधान महारैली में लाखों लोगों की भीड़ साबित करती है कि लोग प्रदेश की सपा सरकार, केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की गलत नीतियों तथा भाजपा की सांप्रदायिक नीतियों से बेहद परेशान हैं।
यदि बसपा कार्यकर्ता विरोधी राजनीतिक दलों की सामूहिक साजिशों से सावधान रहे तो पार्टी यूपी की तरह केंद्र में भी पहले बैलेंस ऑफ पावर और फिर पूर्ण बहुमत वाली सरकार बना सकती है।
मायावती शुक्रवार को बसपा के प्रदेश कार्यालय पर पदाधिकारियों व को-ऑर्डिनेटरों की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अपने खून-पसीने की कमाई खर्च कर अनुशासित तरीके से पूरे देश से लोग रैली में आए।
उन्होंने अफसोस जाहिर किया कि सपा सरकार की उपेक्षा की वजह से स्मारकों के कर्मचारी आंदोलन को मजबूर हैं। इससे न सिर्फ पर्यटकों को मायूसी हाथ लगी, बल्कि सरकार को राजस्व का भी नुकसान हुआ।
मायावती ने फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव की घोषणा की उम्मीद जताई। उन्होंने फिर साफ किया, पार्टी अपने बलबूते पर ही चुनाव लड़ेगी, किसी दल से समझौता नहीं करेगी। पार्टी ने लोकसभा चुनाव की जुझारू तरीके से तैयारी की है।
यदि निर्देश पर अमल जारी रहा तो पार्टी के हक में चौंकाने वाले परिणाम आएंगे। मायावती ने इसके पहले बुधवार और गुरुवार को लगातार बाहरी राज्यों के नेताओं व पदाधिकारियों के साथ चुनाव तैयारियों की समीक्षा की और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने के लिए जरूरी निर्देश भी दिए।
अब वोटर बढ़ाने में जुटेंगे बसपाई
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सावधान महारैली की कामयाबी के लिए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की दिल खोलकर तारीफ की है। उन्होंने लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिहाज से संगठन के ढांचे में बड़ा बदलाव भी कर दिया है।
मायावती ने 25 जनवरी को लोकसभा क्षेत्र स्तर पर मनाए जाने वाले अपने जन्मदिन कार्यक्रम को रद्द कर को-ऑर्डिनेटरों को वोटर बढ़ाने और कैडर मीटिंग का बड़ा अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि 18 से 31 जनवरी तक पार्टी के छूटे हुए लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाएं। बुधवार को सावधान महारैली के बाद मायावती ने शुक्रवार को बसपा के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश के जोनल को-ऑर्डिनेटरों की बैठक बुलाई थी।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्य, सुखदेव राजभर, वामसेफ के पदाधिकारी व जोनल को-ऑर्डिनेटर उपस्थित रहे।