बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसा के आरोप में नामजद लोगों के होर्डिंग और पोस्टर हटवाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश का सराहा। बता दें कि मामले में इलाहबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था।
बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट किया कि लखनऊ में सीएए के विरोध में किए गए आंदोलन मामले में हिंसा के आरोपियों के खिलाफ सड़कों/चैराहों पर लगे बड़े-बड़े सरकारी होर्डिंग/पोस्टरों को माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर, उन्हें तत्काल हटाए जाने के आज दिए गए फैसले का बसपा स्वागत करती है।
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों के पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए थे। इस मामले में इलाहबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को ये पोस्टर हटाने के लिए आदेश दिए हैं।
इसी के साथ हाई कोर्ट ने हिंसा के दौरान नामजद लोगों के नाम, पते और फोटो को भी सार्वजनिक नहीं करने के भी निर्देश दिए हैं।