बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि गरीबी और बेरोजगारी के शिकार लोगों के पास अब पछताने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा जारी की गई रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि देश में बेरोजगारी की दर पिछले 45 वर्षों में सबसे ज्यादा है लेकिन अब पछताने से कुछ नहीं होगा।
मायावती ने कहा कि सिर्फ इतनी सी बात नहीं है। देश का सकल घरेलू उत्पाद की दर भी सबसे निचले स्तर 5.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जो कि कृषि व फैक्ट्री उत्पाद की दर में गिरावट को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है लेकिन चुनाव हो जाने के बाद अब पछताने से कुछ नहीं होगा।