बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आगामी विधान सभा चुनाव को देखते हुए भाजपा यूपी को फिर से साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने की साजिश रच रही है।
इसी उद्देश्य से ही कैराना में पलायन का मामला उछाला गया था। लेकिन मीडिया की सक्रियता के चलते उन्हें सफलता नहीं मिली। इसलिए बसपा मीडिया की आभारी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में दंगा कराने का प्रयास कर रही है। कैराना में मुस्लिम व हिन्दूओं को आपस में लड़ाने की साजिश रची गई थी।
मायावती मंगलवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा, कैराना में हिन्दुओं के पलायन का मुद्दा उछालकर भाजपा के लोग मुसलमानों के साथ घिनौनी साजिश कर रहे हैं।
'सपा, भाजपा व कांग्रेस की सरकारों में हुआ सर्वाधिक पलायन'
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यूपी में अगर सबसे अधिक पलायन हुआ है तो वह सपा, भाजपा और कांग्रेस की सरकारों में हुआ है।
उन्होंने कहा कि जहां बुंदेलखंड के किसान सूखे के चलते पलायन कर रहे हैं, वहीं सूबे के युवक बेरोजगारी के चलते प्रदेश छोड़ रहे हैं, जिसपर न तो केंद्र का ध्यान है और न ही सपा सरकार का। बुंदेलखंड में तो सपा के लोगों की गुंडई भी किसानों को पलायन के लिए मजबूर कर रही है।
मायावती ने कहा कि प्रदेश के करीब 50 जिले भयंकर सूखे की चपेट में है और यहां के किसान पलायन कर रहे हैं। इसी प्रकार गन्ना किसान भुखमरी के कगार पर हैं।
सपा सरकार के भ्रष्टाचार की होगी जांच, दोषियों को भेजेंगे जेल
सपा और बसपा के बीच जुगलबंदी सबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि जनता को सच्चाई मालूम है कि किसके बीच जुगलबंदी है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह की सरकार में हुए अधिकांश घोटालों की जांच बसपा सरकार ने ही कराई थी। अगर 2017 में बसपा की सरकार बनी तो मौजूदा सपा सरकार के भ्रष्टाचार की भी जांच कराई जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मोदी जनता को भ्रमित करने के लिए इस तरह का बेबुनियाद बयान दे रहे हैं। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश में खराब कानून-व्यवस्था, व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार के बाद भी सपा सरकार को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया। प्रधानमंत्री खुद सपा सरकार के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा और सपा के बीच वास्तव में कोई गुप्त समझौता नहीं है तो केंद्र सरकार यूपी सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाए। ताकि विधानसभा का चुनाव निष्पक्ष कराया जा सके।
मोदी की रैली में जुटाई जा रही बाहरी भीड़
सहारनपुर और इलाहाबाद की रैली में जुटी भीड़ पर मायावती ने कहा कि बाहर से भीड़ बुलाई जा रही है, ताकि जनता को एक बार फिर से भ्रमित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोकसभा के चुनाव में भाजपा ने प्रदेश की जनता से झूठा वादा करके सबसे अधिक सीटें जीती थी, अब उसी तरह से विधानसभा का चुनाव जीतने की साजिश कर रही है।
प्रदेश की जनता को भाजपा व सपा से सावधान करते हुए मायावती ने कहा कि भाजपा, सपा और कांग्रेस मिलकर एक बार फिर जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि 2012 के विस चुनाव में सपा-भाजपा-कांग्रेस ने मिलकर बसपा सरकार को हटवा दिया, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता आज तक भुगत रही है।