यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर केंद्र की भाजपा सरकार और यूपी की मौजूदा सपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
मायावती ने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर फेल करार देते हुए कहा कि भाजपा के आते ही देश में आरएसएस जैसी असंवैधानिक संस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है।
मायावती ने आरोप लगाया कि यूपी में सांप्रदायिक दंगों और तनाव के पीछे भाजपा और सपा की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता बेकाबू हो गए हैं और उनकी वजह से पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति खड़ी हो सकती है।
संघ प्रमुख भागवत पर भी निशाना
मायावती ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते दिनों उनका हिंदूवादी बयान देश के सांप्रदायिक सौहार्द के लिए अच्छा नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसे बयान की वजह से देश में कभी भी सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। मायावती ने दावा किया कि यूपी में ऐसा ही हो रहा है। भाजपा इसका राजनीतिक फायदा भी उठाने की कोशिश कर रही है।
मायावती ने एक के बाद एक आरोप लगाते हुए कहा कि अब भाजपा की सरकार में भी संघ के लोगों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, जो सरासर गलत है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा में अब जमीनी कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है और संघ के लोगों ने पार्टी पर कब्जा जमा लिया है।
मेरा दोबारा मुख्यमंत्री बनना बहुत जरूरी
मायावती ने यूपी सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि यूपी की हालत बद से बदतर होती जा रही है। यहां आम आदमी त्राहिमाम कर रहा है। हर कोई मेरे शासन को याद कर रहा है। इसीलिए मुझे लगता है कि मेरा यूपी का सीएम बनना बेहद जरूरी हो गया है।
मायावती ने यह भी कहा कि दंगों को रोकने के लिए और यूपी में हर तरफ फैल चुके भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मेरा सीएम बनना बहुत जरूरी है और मुझे पूरा भरोसा है कि अगले चुनाव में मैं ही मुख्यमंत्री बनूंगी।
मायावती ने यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि भाजपा को छोड़कर सभी दल बसपा की मांग का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का ही नियुक्त किया हुआ राज्यपाल यूपी में है और केंद्र में भी उनकी ही सरकार है। अब वे राष्ट्रपति शासन की मांग क्यों नहीं कर रहे?
मोदी अब भी दिखा रहे सिर्फ सपना
मायावती ने करीब 25 मिनट की अपनी प्रेस कांफ्रेंस में देश-विदेश के जुड़े हर जरूरी मसले पर बात की और कहा कि मोदी सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है।
माया ने कहा कि मोदी ने अपने तीन महीने के कार्यकाल में कोई भी जमीनी काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने जनता से जो वादे किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं कर पाए हैं और अब भी सिर्फ चुनावी वादे ही करते नजर आ रहे हैं।
मायावती ने कहा कि मोदी सरकार के लोग झूठ बोलने से अब भी बाज नहीं आ रहे हैं और गलतफहमी फैला रहे हैं कि भाजपा जैसा स्पष्ट बहुमत इससे पहले किसी पार्टी को नहीं मिला था। उन्होंने बताया कि 1984 के चुनाव में कांग्रेस सरकार को 404 सीटें हासिल हुई थीं।
पाक मसले पर भी बोलीं माया
भारत और पाकिस्तान के विशेष सचिव स्तर की वार्ता पर सवाल उठाते हुए मायावती ने कहा कि 25 अगस्त को होने वाली इस वार्ता को रद करने का भाजपा सरकार का निर्णय कूटनीतिक न होकर राजनीतिक है।
मायावती ने यह भी कहा कि सबसे पहले तो भाजपा सरकार को इस वार्ता की बात शुरू ही नहीं करनी चाहिए थी। मायावती ने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान की ओर से लगातार सीज फायर का उल्लंघन जारी है, ऐसे में बातचीत होनी ही नहीं चाहिए।
मायावती ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा करके मोदी ने जम्मू कश्मीर के चुनाव में लाभ लेने की कोशिश की है।