बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि अपनी कमियों व विफलताओं से जनता का ध्यान बंटाने के लिए भाजपा ने पर्दे के पीछे से राम मंदिर निर्माण के लिए अभियान शुरू कराया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इसका निपटारा कोर्ट से ही होना चाहिए।
मायावती ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश में भाजपा सत्ता में आने वाली नहीं है। लोकसभा चुनाव में भी वह सत्ता में आने वाली नहीं है। इसका एहसास भाजपा, आरएसएस व उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना को भी है। इसीलिए ये सोची-समझी रणनीति के तहत राम मंदिर निर्माण का मामला उठा रहे हैं। साधु-संतों, आरएसएस व शिवसेना को आगे कर अभियान चलाया जा रहा है।
भीम आर्मी और बहुजन यूथ फॉर मिशन के बहकावे में न आएं
मायावती ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे भीम आर्मी व बहुजन यूथ फॉर मिशन-2019 नेक्स्ट पीएम बहनजी आदि नाम से चलाए जा रहे संगठनों के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि इन स्वार्थी, बिकाऊ, बीएसपी विरोधी संगठनों को चलाने वालों से सावधान रहना जरूरी है। बसपा ने युवा वर्ग को जोड़ने केलिए अलग से इसलिए कोई संगठन नहीं बनाया है क्योंकि पार्टी केहर स्तर केसंगठन में 50 प्रतिशत पदाधिकारी युवा वर्ग से बनाए गए हैं।