बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि राफेल विमान सौदे के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से केंद्र सरकार को थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। लेकिन देश की रक्षा खरीद के संबंध में आम लोगों की धारणाओं व आशंकाओं के समाधान के लिए सरकार के स्तर पर आधारभूत सुधार करने की जरूरत है।
मायावती ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि रक्षा खरीद सौदों में अब तक ज्यादातर समय केंद्र में रही कांग्रेस व बीजेपी दोनों पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इन मामलों में दोनों ही पार्टियों को लोग एक ही थैली के चट्टे-बट्टे मानते हैं। कांग्रेस ने बोफोर्स का आरोप झेला तो बीजेपी ने राफेल का।
मायावती ने कहा कि देश के व्यापक हित में केंद्र सरकार को अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ-साथ प्रमुख विपक्षी पार्टियों को विश्वास में लेकर सैन्य व अन्य रक्षा सौदों की खरीद के संबंध में एक दीर्घकालीन व पारदर्शी नीति बनानी चाहिए। इससे बोफोर्स व राफेल जैसे आरोपों-प्रत्यारोपों से बचने के साथ ही पार्टी व देश की छवि धूमिल होने व कोर्ट-कचहरी का चक्कर झेलने से भी बचा जा सकेगा।