बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि अदाणी प्रकरण से भारत की छवि दांव पर है, पर केंद्र सरकार इस मुद्दे को काफी हल्के में ले रही है। सरकार को जनता के विश्वास से इस प्रकार खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। बसपा प्रमुख ने संत रविदास जयंती पर रविवार को बयान जारी कर कहा कि यदि गुरु रविदास के मानवतावादी उपदेशों पर अमल किया जा रहा होता तो देश की हालत इतनी चिंताजनक नहीं होती। मायावती ने अदाणी प्रकरण पर केंद्र सरकार को भी घेरा। कहा कि दुनिया में अपनी रैंकिंग जमाने वाले देश के व्यवसायी के कारण भारत का आर्थिक जगत हताश है। देश की अर्थव्यवस्था व आम जनजीवन पर भी इसका दीर्घकालीन प्रभाव पड़ने वाला है। फिर भी अन्य मामलों की तरह ही अदाणी प्रकरण पर भी सरकार ने सदन के माध्यम से देश की जनता को विश्वास में नहीं लिया, यह बेहद दुखद है।
उधर, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अदाणी समूह पर लगे आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय सिंह ने अदाणी समूह से जुड़े इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को प्रदेश भर में प्रदर्शन करने का भी एलान किया है। आप सांसद ने कहा कि इतने बड़े घोटाले से जनता चिंतित है और देश में आर्थिक असंतुलन उत्पन्न होने का खतरा मंडरा रहा है। पिछले कुछ दिनों में देश के करोड़ों नागरिकों का अदाणी की कंपनी में लगा 11.50 लाख करोड़ रुपया डूब गया, जो जनता की गाढ़ी कमाई थी। जनता का ये पैसा अदाणी की कंपनी में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक और एलआईसी के माध्यम से निवेश किया गया था। कहा कि आम लोगों की इतनी बड़ी धनराशि डूबने के बाद भी केंद्र सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली है।