केंद्र सरकार द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी करने पर मायावती ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। बसपा सुप्रीमो ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि बीजेपी सरकार 'सर्जिकल स्ट्राइक' का वीडियो जारी करके लोगों का ध्यान अपनी नाकामियों से हटाना चाहती है।
मायावती ने तंज कसते हुए आगे कहा 'अगर उन्हें सुबूत पेश ही करना था तो उस वक्त क्यों नहीं किया जब 'सर्जिकल स्ट्राइक' हुआ था। सेना के जवानों ने जिस बहादुरी से पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को साफ किया, उसकी सभी ने तारीफ की थी। इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के सुबूत की मांग न तब की गई थी, और न ही अब। फिर लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले ही इसका वीडियो जारी करना राजनीतिक स्वार्थ के लिए रचा गया षड़यंत्र नहीं तो और क्या है?
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बिना तैयारी के देश में 'नोटबंदी' और 'जीएसटी' जैसे फैसले को थोपने वाली मोदी सरकार खुद को हर मोर्चे पर विफल पा रही है। जनता से किये हुए वादों को निभाने में नाकाम होने के बाद बीजेपी सरकार जनता का ध्यान इन मुद्दों से हटाना चाहती है।
गौरतलब है कि भारतीय सेना ने 29 सितंबर 2016 को पाक अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया था। भारतीय सेना ने इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' के जरिए सीमा पार आतंकियों के कई बंकरों को तबाह कर दिया था। घटना के करीब डेढ़ साल बाद सेना ने ड्रोन से फिल्माये गए इस पूरे ऑपरेशन की वीडियो शुक्रवार को जारी की है। आठ मिनट की इस वीडियो में भारतीय सेना एक के बाद एक आतंकी ठिकानों को नष्ट करती नजर आ रही है।