बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि प्रदेश सरकार जनहित के बजाय पारिवारिक सुख व कल्याण पर ज्यादा केंद्रित हो गई है।
यह सरकार तीन साल में तीन कदम चली लेकिन वह भी आगे के बजाय पीछे की ओर।
मायावती ने एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 2015-16 के बजट पर प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने चौथे बजट को जनकल्याणकारी कम कागजी ज्यादा बताते हुए कहा,जो सरकार केवल चाचा-भतीजों में ही उलझी रहती है उससे सर्वसमाज के हित व कल्याण की उम्मीद नहीं की जा सकती।
जो सरकार अपने बजट का पूरा पैसा नहीं कर खर्च कर पाती, जहां बजट खर्च होने पर भ्रष्टाचार व लूट-खसोट मचता हो, ऐसे माहौल में बजट से कोई उम्मीद नहीं है।
किसानों व ग्रामीणों को लुभाने की कोशिश जरूर की गई है लेकिन इन्हें इसका सही लाभ तभी मिलेगा जब इनकी जमीन इनसे न छीनी जाए।
उन्होंने आगरा एक्सप्रेस- वे के लिए जिन किसानों से जमीन ली जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार देने की मांग की है।