मायावती ने कांग्रेस और पं. जवाहर लाल नेहरू को कश्मीर समस्या की मूल जड़ जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखंडता के पक्षधर रहे। वे जम्मू-कश्मीर में अलग से अनुच्छेद 370 का प्रावधान करने के पक्ष में नहीं थे।
इसी वजह से बसपा ने संसद में इस अनुच्छेद को हटाए जाने का समर्थन किया है। संविधान लागू होने के 70 वर्षों के बाद अनुच्छेद 370 हटाने पर जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने में समय अवश्य लगेगा। इसलिए थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि हाल ही में बिना अनुमति के कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं का कश्मीर जाना क्या केंद्र व वहां के राज्यपाल को राजनीति करने का मौका देने जैसा कदम नहीं है? अगर इनके जाने पर कश्मीर में थोड़े भी हालात बिगड़ जाते तो क्या केंद्र सरकार इसका दोष इन पार्टियों पर नहीं थोप देती?
बैठक के दौरान विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लग गई। बसपा ने सभी 13 सीटों पर विधानसभा उप चुनाव लड़ेगी, जिसमें से 12 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए गए। केवल जलालपुर विधानसभा से प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया।
घोषित हुए प्रत्याशियों में घोसी से कय्यूम अंसारी, मानिकपुर से राजनारायण निराला, हमीरपुर से नौशाद अली, जैदपुर से अखिलेश अंबेडकर, बलहा से रमेश गौतम व टूंडला से सुनील कुमार चित्तौड़ शामिल हैं।