बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्रीय मंत्री वीके सिंह पर दलितों के संबंध में घटिया बयान देने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से उन्हें तत्काल बर्खास्त कर जेल भिजवाने की मांग की है।
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर दलितों के खिलाफ अत्याचार न रोक पाने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग दुहराई। मायावती ने कहा है कि यदि पीएम अपने बड़बोले मंत्रियों पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो उन पर कोई विश्वास नहीं करेगा।
शुक्रवार को मायावती ने बिहार की रैलियों से रवाना होने के पहले अपने आवास पर आननफानन में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। बसपा प्रमुख ने कहा कि पूरे देश में स्वाभिमानी सोच वाले दलितों का उत्पीड़न हो रहा है। फरीदाबाद में जिस दलित परिवार के साथ हादसा हुआ है वह स्वाभिमानी था।
दुख की बात ये है कि हरियाणा सरकार से सुरक्षा मिलने के बावजूद इस परिवार को ऐसी घटना का शिकार होना पड़ा। पुलिसकर्मियों की तैनाती में हादसा हुआ। मायावती ने कहा कि दलितों की सुरक्षा न कर पाने के लिए प्रधानमंत्री को हरियाणा के मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए।
पुलिसकर्मियों निलंबित करना ही काफी नहीं
उन्होंने मामले में पुलिसकर्मियों को सिर्फ निलंबित करने को नाकाफी बताते हुए उनके खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग की। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के मंत्री वीके सिंह का हाल ही में आया बयान घोर आपत्तिजनक और शर्मनाक है। उन्हें तत्काल बर्खास्त कर जेल भेजा जाना चाहिए।
मायावती ने कहा कि आरएसएस व भाजपा नेताओं के साथ केंद्रीय मंत्रियों के भड़काने वाले बयान से धर्म, जाति और क्षेत्रवाद के नाम पर वैमनस्य बढ़ा है। यदि पीएम की नीयत साफ है तो इन पर कार्रवाई करें। सिर्फ बयानबाजी न करने की सलाह देने भर से अब काम चलने वाला नहीं है। ऐसे लोगों पर उन्हें डंडा चलाना चाहिए।
कांग्रेस-भाजपा ड्रामेबाजी में माहिर
मायावती ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ड्रामेबाजी में माहिर हैं। इनके शासनकाल में दलितों के साथ-साथ अन्य पिछड़ों व मुस्लिमों के साथ सौतेला व्यवहार होता है। इनके ऊपर जुल्म व ज्यादती काफी बढ़ जाती है लेकिन राजनीतिक ड्रामेबाजी में माहिर ये दोनों पार्टियां चुनाव के समय खूब दलित प्रेम दिखाती हैं। खूब पोस्टरबाजी करते हैं। खूब होर्डिंग लगाते हैं और खूब फिल्में बनाते हैं। दलितों की खिचड़ी भी खूब खाते हैं लेकिन जैसे ही मतलब निकल जाता है, कोई पूछने वाली नहीं।
राहुल गांधी को बनाया निशाना
हरियाणा के फरीदाबाद में दलितों को जलाने की हुई घटना के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के वहां जाने को मायावती ने महज नाटक बताया। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि इसी तरह की कई घटनाएं दलितों के साथ तब भी घटी जब केंद्र और हरियाणा में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी।
मायावती ने कहा कि उस समय हिसार व आसपास के कई जिलों से दबंगों व सामंतवादी ताकतों के शोषण की वजह से दलितों को मजबूरी में पलायन करना पड़ा था। मायावती ने कहा कि उस समय कांग्रेस के युवराज वहां उनकी पीड़ा सुनने के लिए कभी नहीं पहुंचे और ना ही उन्हें इंसाफ दिलवाया। फरीदाबाद जाकर राहुल सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।
भागवत पर भी साधा निशाना
मायावती ने कहा कि आरएसएस मुखिया मोहन भागवत को सिर्फ डॉ. अंबेडकर और गौतम बुद्ध की तारीफ ही नहीं करनी चाहिए बल्कि उनके पद चिन्हों पर भी चलना चाहिए। आरक्षण की समीक्षा संबंधी बयान से ही उनकी मानसिकता पता चल जाती है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के नाम पर स्मारक, संग्रहालय व इनकी केवल प्रतिमा लगाने से काम नहीं चलेगा बल्कि इनके अनुयायियों के मान-सम्मान व स्वाभिमान तथा इनके उत्थान का भी पूरा-पूरा ध्यान रखना होगा।