मायावती ने प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा से पारित कराने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की जातिवादी नीतियों के कारण यह विधेयक लोकसभा में लंबित पड़ा है।
यह साबित करता है कि दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़ों को उनके संवैधानिक हक दिलाने के मामले में न तो पहले कांग्रेस सरकार गंभीर व ईमानदार थी और न ही भाजपा की वर्तमान सरकार ईमानदार है।
मायावती ने आधार कार्ड की वैधता को कुछ शर्तों के साथ संवैधानिक मान्यता देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बैंक खाता खेलने व मोबाइल सिम खरीदने में आधार की अनिवार्यता खत्म कर दिए जाने से आम लोगों को काफी राहत मिलने की संभावना है।