बसपा सुप्रीमो मायावती पार्टी की एक मात्र मुख्यमंत्री चेहरा हैं लेकिन क्या वह विधानसभा का आम चुनाव भी लड़ेंगी? 401 प्रत्याशियों का एलान करने के बावजूद मायावती ने अभी तक इसका संकेत नहीं किया है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि मायावती खुद चुनाव नहीं लड़ेंगी वह प्रत्याशियों को जिताने के लिए चुनाव का मोर्चा संभालेंगी।
बसपा में मायावती एक मात्र नेता हैं। उनके साथ पार्टी में कोई दूसरा मंच शेयर नहीं करता। पार्टी के लिए जब भी अवसर आता है वह सीएम होती हैं। पांचवीं बार सत्ता की मास्टर चाबी के लिए वह फिर मैदान में हैं।
प्रत्याशियों की घोषणा में बाजी मारते हुए मायावती सबसे पहले लगभग सभी प्रत्याशियों का एलान कर चुकी हैं। विधानसभा की 403 सीटों में से बसपा के 401 प्रत्याशी अब मैदान में हैं। मगर, बसपा की ओर से अब तक इस बात का संकेत नहीं किया गया है मायावती चुनाव लड़ेंगी या नहीं।
दोनों बार हो चुकी है जीत
मायावती
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ऐसा इसलिए क्योंकि वह 1996 और 2002 का विधानसभा आम चुनाव भी लड़ चुकी हैं। दोनों बार वह दो-दो विधानसभा सीटों से चुनाव मैदान में उतरी थीं और अच्छे मतों से जीती थीं। दूसरा, इस बार जिन दो सीटों को प्रत्याशियों के एलान के लिए छोड़ रखा है, उनमें सोनभद्र की सुरक्षित दुद्धी सीट भी शामिल है।
इस संबंध में बसपा के एक जिम्मेदारी नेता ने बताया कि बहनजी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनके कंधे पर पूरे प्रदेश के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री बनने के छह महीने के भीतर विधान सभा या विधान परिषद में से किसी भी सदन का सदस्य बनने का विकल्प खुला हुआ है। हालांकि एक दूसरे नेता कहते हैं कि बहनजी चुनाव लड़तीं तो बेहतर होता। कार्यकर्ताओं में और उत्साह बढ़ता।
जिस क्षेत्र से वह चुनाव लड़तीं, उसके आसपास की सीटों पर इसका फायदा मिलता। पर, रणनीति के तहत वह जो भी फैसला कर रही हैं, उचित ही होगा।