बसपा सुप्रीमो मायावती रविवार को सूबे के राज्यमंत्रियों से जुड़ी घटनाओं के बहाने कानून-व्यवस्था पर प्रदेश सरकार को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर सकती हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर हमेशा कड़े हमले बोलने वाली मायावती को सरकार के कुछ मंत्रियों ने बैठे-ठाले नया मुद्दा दे दिया है।
बसपा सुप्रीमो ने प्रदेश में संगठन के कामकाज की समीक्षा और बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर राजधानी में डेरा डाल दिया है। वे अप्रैल में दिल्ली जाने के बाद लखनऊ लौट आई हैं।
जानकार बताते हैं कि मायावती ने दिल्ली से लौटने के बाद पार्टी के कुछ नेताओं से सूबे की सियासी माहौल पर चर्चा की है। राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा, विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह और कैलाश चौरसिया से जुड़े मामले की भी उन्हें जानकारी दी गई।