बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में किसानविरोधी संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार गलत, अड़ियल और अहंकारी रवैया अपनाए हुए हैं।
किसानों में आक्रोश है कि नरेन्द्र मोदी सरकार जबरन जमीन अधिग्रहण के मामले में अंग्रेजों से भी ज्यादा खराब रवैया अपनाने पर तुली हुई है। किसानों के साथ ही खेतिहर मजदूर भी चिंतित हैं कि उनकी रोटी-रोजी का क्या होगा?
मायावती बृहस्पतिवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों व मंडल कोआर्डिनेटरों के साथ बैठक कर रही थीं। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कहा कि केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून को बदलने पर इस हद तक तुली हुई है कि उसके लिए बार-बार अध्यादेश ला रही है।
मोदी सरकार की पूरी ताकत मुट्ठी भर पूंजीपतियों, धन्नासेठों व कारपोरेट जगत को अनुचित लाभ पहुंचाने में लग रही है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में काफी हद हद तक वही प्रावधान शामिल किए गए थे जो बीएसपी सरकार ने प्रदेश में सन् 2011 में बनाए गए कानून में किए थे।
इनमें 70 प्रतिशत किसानों की सहमति और अधिग्रहीत भूमि का पांच साल तक इस्तेमाल नहीं होने पर उसकी वापसी भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि महंगाई के साथ-साथ अप्रत्यक्ष करों की मार से हर चीज और भी ज्यादा मंहगी होती जा रही हैं, अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली सरकार लोगों को रूलाने पर तुली हुई लगती है।
यूपी में विकास सिर्फ इटावा, कन्नौज सैफई तक सीमित
बसपा की राज्य स्तरीय बैठक में मायावती ने प्रदेश की सपा सरकार को भी निशाने पर लिया। कहा कि सपा सरकार के पिछले तीन साल जंगलराज व अफरातफरी से भरे रहे। विकास के मामले में सपा सरकार की चिंता सैफई, इटावा व कन्नौज तक ही सीमित रही है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा, बद से बदतर होती कानून व्यवस्था में सुधार लाना सपा सरकार की प्राथमिकता कभी नहीं रहा। सरकारी योजनाओं का वितरण जातिवादी आधार पर होने के कारण इसका लाभ मुट्ठी भर लोगों को ही मिल पाया है।
सीएजी की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। राजनीतिक गुंडागर्दी, माफियागिरी व व्यापक भ्रष्टाचार से प्रदेश काफी ज्यादा पिछड़ गया है। मायावती ने कहा कि नियुक्तियों में घोटाले हो रहे हैं।
पुलिस भर्ती में घोटाले हर सपा सरकार की शोभा रहे हैं। पुलिस भर्ती घोटाले के खिलाफ हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्थिति काफी भयावाह हो गई है।
मदद न मिलने से किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी
मायावती ने कहा कि हाल की बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के किसानों को भारी तबाही का सामना करना पड़ा है। केंद्र व प्रदेश की सपा सरकार केवल कागजी कार्रवाई में ही लगी हुई हैं।
किसानों को फौरी राहत पहुंचाने की जरूरत है। सरकारी सहायता न मिलने से किसान सदमे में हैं। वे आत्महत्याएं कर रहे हैं। यह अत्यंत दुखद स्थिति है।
केंद्रीय अंश कम कर देने से प्रभावित होंगे गरीब
बसपा अध्यक्ष ने इकहा कि सरकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाने का असली दायित्व राज्य सरकार का होता है। नरेन्द्र मोदी सरकार ने अब जो नई नीति अपनाई है उससे यूपी व बिहार समेत कई पिछड़े राज्यों का केंद्रीय अंश कम कम हो जाएगी।
इससे इन प्रदेशों की गरीब जनता काफी प्रभावित होगी। इस स्थिति से भी केंद्र व प्रदेश की सपा सरकार दोनों ही बेपरवाह नजर आते हैं।