बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी की भाजपा सरकार द्वारा चुनाव आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटे पहले ही अलग-अलग निगमों व आयोगों के अध्यक्षों के नाम की घोषणा करने पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यूपी बीजेपी सरकार ने लोकलाज त्याग कर लोकसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले निगम/आयोग में अध्यक्ष के पद पर मनोयन कर थोक के भाव में रेवड़ियाँ बांटी। जो कि उनकी ऐश करो अच्छे दिन हैं वाली सोच को ही दिखाता है।
वहीं, उन्होंने कांग्रेस को भी नहीं बख्शा और कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस भी पीछे नहीं रही लेकिन याद रहे कि पब्लिक सब समझती है। चुनाव में पूरा हिसाब चुकता करेगी।
वहीं, उन्होंने एक और ट्वीट में भाजपा पर छिपाकर भ्र्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। मायावती ने ट्वीट किया कि कम्बल ओढ़ कर घी पीने में माहिर भाजपा नहीं भूले कि सैनिकों की वीरता व उनकी शहादत को देश ने हमेशा ही सैल्यूट व भरपूर आदर-सम्मान दिया है पर भाजपा की ही हुकूमत में देश की सुरक्षा को सबसे ज्यादा खतरा पैदा हुआ और सैनिकों की ज्यादा शहादत हुई। उन्होंने सवाल किया कि क्या वाकई देश सुरक्षित हाथों में है?