दयाशंकर मामले में आक्रामक से बचाव की मुद्रा में आने को मजबूर हुई बसपा ने नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए बसपा सुप्रीमो मायावती शनिवार शाम अचानक दिल्ली से लखनऊ लौट आईं।
उन्होंने 25 जुलाई को मंडल स्तरीय धरना-प्रदर्शन को स्थगित करते हुए रविवार को बसपा के मुख्य जोनल कोऑर्डिनेटरों की बैठक बुलाई है। इसमें वे नई रणनीति का एलान कर सकती हैं।
बताते चलें, मायावती के खिलाफ दयाशंकर सिंह की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद लोगों की सहानुभूति बसपा के पक्ष में दिखने लगी थी, मगर गुरुवार को बसपा के धरना-प्रदर्शन में अमर्यादित पोस्टर लहराने और आपत्तिजनक नारेबाजी के बाद माहौल बदलता नजर आया।
न सिर्फ इस मामले में बसपा अध्यक्ष मायावती और राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई बल्कि बसपा के साथ सहानुभूति जताने वाले तमाम लोगों की सहानुभूति दयाशंकर के परिवार के पक्ष में देखी जाने लगी। भाजपा भी रक्षात्मक से आक्रामक मुद्रा में आ गई।