सपा के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने कहा कि 15 जनवरी को अपने जन्मदिन पर रैली का ऐलान करके मायावती चंदा वसूली में जुट गई हैं।
उनका जन्मदिन काली कमाई को सफेद बनाने का गोरखधंधा है। कहा कि बसपा अध्यक्ष की सावधान रैली ने प्रदेश की जनता को सावधान होने के लिए सचेत कर दिया है।
वह पहले की तरह सांसदों, विधायकों और नेताओं से चंदा वसूली में लग गई हैं। इसमें कइयों की जानें जा चुकी हैं।
उनके जन्मदिन पर 2008 में औरैया के इंजीनियर मनोज गुप्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
कहा कि दलितों के नेतृत्व के नाम पर बसपा में पूंजीपतियों को ही पद और टिकट दिए जाते रहे हैं। उन्होंने अपनी मूर्तियां लगवाने में भी मोटा कमीशन वसूल लिया।
मायावती ने भी किया प्रहार
वहीं बसपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश सरकार पर मुजफ्फरनगर व शामली के दंगा पीड़ितों के साथ अमानवीय बर्ताव करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा है कि सरकार की लापरवाही की वजह से दंगा पीड़ित अपना घर-बार, जमीन-जायदाद व कारोबार छोड़कर जहां-तहां शिविरों में जान बचाने को मजबूर हैं लेकिन सपा सरकार संवेदनशील रवैया अपनाने के बजाय उनके शिविरों पर बुल्डोजर चलवाकर जख्मों पर नमक छिड़क रही है। उन्होंने सरकार के इसरवैये की निंदा की है।
मायावती ने प्रदेश बसपा मुख्यालय पर कोआर्डिनेटरों की बैठक में प्रदेश के राजनीतिक हालात का जायजा लेने केबाद कहा,सपा और भाजपा की मिलीभगत से हुए इस दंगे से स्थिति काफी भयावह हो गई है। खासकर, मुस्लिम समाज के लोगों में असुरक्षा व भय का वातावरण पैदा हुआ है।