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जन्मदिन पर मायावती का सपा-बसपा कार्यकर्ताओं से आह्वान, गिले शिकवे भूलकर चुनाव में जुटें

Mon, 14 Jan 2019 06:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अपने जन्मदिन के मौके पर ब्लू बुक का विमोचन करतीं बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
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अपने 63वें जन्मदिन के मौके पर लखनऊ के माल एवेन्यू रोड स्थित बसपा कार्यालय में मीडिया को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा कि मेरा जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया जाता है। मैंने अपना जीवन दलित और गरीब कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। इस मौके पर मेरी बसपा व सपा कार्यकर्ताओं से यही अपील है कि वह आपसी गिले-शिकवे दूर कर चुनाव की तैयारी में जुट जाएं और मुझे जीत का तोहफा दें। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मायावती को बधाई देने उनके आवास पर पहुंचे।

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लोकसभा चुनाव के लिए जब से सपा-बसपा गठबंधन का एलान हुआ है भाजपा और अन्य विरोधी दलों की नींद उड़ी हुई है। आमचुनाव में यूपी से ही तय होगा कि केंद्र में किसकी सरकार बनेगी और कौन प्रधानमंत्री बनेगा? इसलिए भाजपा के लोगों से सावधान रहें और गठबंधन को जिताने के लिए काम करें।

मायावती ने इस मौके पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस ने कर्जमाफी का वादा किया था वहां से अब शिकायतें आने लगी हैं। एक बार देश के सारे किसानों का पूरा कर्जमाफ किया जाना चाहिए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्घता से लागू किया जाना चाहिए तभी किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा नहीं तो किसाना आत्महत्या करता रहेगा। सिर्फ दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने से किसानों को कोई फायदा मिलने वाला नहीं। किसान 70 प्रतिशत कर्ज साहूकारों से लेते हैं। इस कर्ज को माफ करने की कोई नीति नहीं है।
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उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिया है। हम इसका स्वागत करते हैं। देश के गरीब मुसलमानों को भी आरक्षण दिये जाने की जरूरत है।

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रक्षा सौदों के लिए सभी दलों को साथ लेकर तैयार हो दीर्घकालिक नीति

मायावती ने कहा कि राफेल का मामला देखने के बाद जरूरी है कि रक्षा सौदों के लिए सभी दल दीर्घकालिक नीति तैयार करें जिससे राफेल व बोफोर्स जैसे मामले न हों।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनकी वादा खिलाफी चुनावी मुद्दा बन रही है। कालाधन वापस लाना, 15-15 लाख रुपये लोगों को उनके खाते में दे देना। ऐसे वादे किए ही क्यों जाते हैं जो कि पूरे नहीं हो सकते।

मायावती ने कहा कि नोटबंदी व जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। भाजपा की आर्थिक नीतियां सिर्फ कुछ धन्नासेठों को फायदा पहुंचा रही हैं। जिससे कि देश की जनता में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब आए दिन भगवानों की जाति बता रहे हैं। मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोक दिया है जो कि भाजपा की गलत नीतियों को ही दर्शाता है।

इस मौके पर मायावती ने बीते वर्ष भर की पार्टी की गतिविधियों पर लिखी गई अपनी किताब ‘ब्लू बुक-मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ का परंपरागत तौर पर विमोचन किया। ब्लू बुक का यह 14 वां संस्करण है। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है।
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