मायावती ने कहा कि राफेल का मामला देखने के बाद जरूरी है कि रक्षा सौदों के लिए सभी दल दीर्घकालिक नीति तैयार करें जिससे राफेल व बोफोर्स जैसे मामले न हों।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनकी वादा खिलाफी चुनावी मुद्दा बन रही है। कालाधन वापस लाना, 15-15 लाख रुपये लोगों को उनके खाते में दे देना। ऐसे वादे किए ही क्यों जाते हैं जो कि पूरे नहीं हो सकते।
मायावती ने कहा कि नोटबंदी व जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। भाजपा की आर्थिक नीतियां सिर्फ कुछ धन्नासेठों को फायदा पहुंचा रही हैं। जिससे कि देश की जनता में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब आए दिन भगवानों की जाति बता रहे हैं। मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोक दिया है जो कि भाजपा की गलत नीतियों को ही दर्शाता है।
इस मौके पर मायावती ने बीते वर्ष भर की पार्टी की गतिविधियों पर लिखी गई अपनी किताब ‘ब्लू बुक-मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ का परंपरागत तौर पर विमोचन किया। ब्लू बुक का यह 14 वां संस्करण है। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है।