लोकभवन के सामने दो महिलाओं की आत्मदाह की कोशिश पर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। एक ओर जहां शुक्रवार को अखिलेश यादव ने सरकार पर सवाल उठाए थे वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी शनिवार को ट्वीट कर सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने को कहा है।
मायवती ने ट्वीट किया कि, 'जमीन विवाद प्रकरण में अमेठी जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर मां-बेटी को लखनऊ में सीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होना पड़ा। यूपी सरकार इस घटना को गंभीरता से ले तथा पीड़ित को न्याय दे व लापरवाह अफसरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटना पुनः न हो।'
अखिलेश ने आज दोबारा किया ट्वीट
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज दोबारा इस मामले पर ट्वीट कर लिखा, 'लोकभवन के सामने 2 महिलाओं द्वारा आत्मदाह की घटना, सोती हुई सरकार को जगाने के लिए क्या काफी नहीं है या फिर असंवेदनशील सरकार व मुख्यमंत्री जी किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। क्या उप्र में सरकार नाम की कोई चीज है!'
भाजपा सरकार में गरीबों की सुनवाई नहीं: अखिलेश
वहीं कल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि भाजपा राज में गरीबों की सुनवाई नहीं होती है। अखिलेश ने घटना के बाद ट्वीट किया, लखनऊ में लोकभवन केसामने दो महिलाओं द्वारा दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से हताश होकर आत्मदाह करने की दुखद खबर आई है। सपा ने लोकभवन इसलिए बनवाया था कि वहां बिना भेदभाव आम जनता अपनी शिकायतों के निवारण के लिए जा सके लेकिन इस भाजपा सरकार में गरीबों के लिए कोई सुनवाई नहीं है।
ओम प्रकाश राजभर ने भी किया ट्वीट
सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने ट्वीट किया, लखनऊ में लोकभवन के बाहर जमीन विवाद में अमेठी निवासी मां-बेटी को न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने को मजबूर होना पड़ा। भाजपा सरकार में गरीब, कमजोर को थाने, तहसील, ब्लाक स्तर पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। बिना पैसा दिए कोई काम नहीं हो रहा, भ्रष्टाचार चरम पर है? उप्र की भाजपा सरकार न्याय व कानून व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे खूब करती है लेकिन धरातल पर सिर्फ हवा-हवाई है। यह योगी सरकार के मुंह पर जोरदार तमाचा है। झुलसी महिलाओं को उपचार मुहैया कराकर तत्काल न्याय दे सरकार, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।