बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश में जंगलराज होने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल राम नाईक से प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर केंद्र को राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश भेजने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह के हालात हैं, पुलिस वाले लोगों को जला रहे हैं, महिलाओं की अस्मत लूटी जा रही है, घरों में घुसकर कत्ल हो रहे हैं, बाराबंकी सहित कई जगहों पर जातिवाद के चक्कर में दोषी पुलिसजनों व अपराधियों को बचाया जा रहा है, उसमें राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प है।
उन्होंने कहा, राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश नहीं की तो जनता मुलायम सिंह यादव के साथ राज्यपाल को भी माफ नहीं करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने व्यापम घोटाले की सीबीआई जांच का समर्थन करते हुए शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री पद से फौरन त्यागपत्र देने की मांग की। एक सवाल पर कहा, बसपा सिर्फ यूपी में ही नहीं बल्कि कहीं भी किसी पार्टी से कोई समझौता या गठबंधन नहीं करेगी। मायावती से पूछा गया था कि क्या वह ऑल इंडिया इत्तहादे मुसलमीन के अध्यक्ष ओवैसी से समझौता करेंगी?
बसपाइयों को दिया आदेश, सपा पर बिरादरीवाद का आरोप
मायावती ने कहा, सपा, भाजपा और कांग्रेस आपस में मिली हुई हैं। भ्रष्टाचार को संरक्षण देने में केंद्र में भाजपा व कांग्रेस में साठगांठ है तो सूबे में सांप्रदायिक तनाव फैलाने में भाजपा व सपा एक-दूसरे से मिले हैं। पर, प्रदेश की जनता सब देख रही है। वह चुनाव में इन सभी दलों को सबक सिखाएगी। बसपा प्रमुख ने इन आरोपों को गलत बताया कि बसपा आंदोलन नहीं करती।
कहा, जब भी जरूरत हुई है तो बसपा ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन किया है। मंडल के सभी कोऑर्डिनेटरों को निर्देश है कि जहां भी कहीं जनता के साथ अन्याय और उत्पीड़न हो तो वे उनकी मदद करें। अधिकारियों से मिलकर समस्या का समाधान कराएं। समाधान न हो तो आंदोलन करें।
बिरादरीवाद में दोषी पुलिसजनों को बचाया जा रहा
मायावती ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हर तरह के अपराध चरम पर पहुंच गए हैं। बाराबंकी के एक थाने में महिला को जलाने पर सपा सरकार की कार्यशैली शर्मनाक है। मुख्यमंत्री मामला रफादफा करने की कोशिश कर रहे हैं।
होना तो यह चाहिए था कि दोषी पुलिस कर्मियों को तुरंत बर्खास्त करके जेल भिजवा दिया जाता लेकिन बिरादरीवाद में उन्हें बचाया जा रहा है। ऐसे कई मामले हो चुके हैं, जिनमें बिरादरी विशेष की वजह से दोषियों को कोई सजा नहीं दी गई। भाजपा नेताओं और सांसदों को भी कानून-व्यवस्था और विकास के मामले पर नाटकबाजी बंद करके केंद्र पर दबाव डालकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कराना चाहिए।
इस बार सपा, भाजपा व कांग्रेस के बहकावे में कोई नहीं आएगा
मायावती ने कहा, लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा वाले कहते थे कि उनकी सरकार बनी तो उप्र में राष्ट्रपति शासन लगवा देंगे लेकिन अब चुप बैठे हैं।
आरोप लगाया कि सपा और भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले सूबे में दंगा-फसाद कराने की साजिश रच रही हैं। पर, इस बार इन दोनों पार्टियों के बहकावे में कोई नहीं आएगा। आज चुनाव हो जाएं तो सपा व भाजपा को अपनी हैसियत पता चल जाएगी।
भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं भाजपा शासित राज्य
बसपा अध्यक्ष ने दावा किया कि सिर्फ मध्यप्रदेश में ही भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़ व गुजरात सहित जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं वहां भी काफी भ्रष्टाचार है। ललित मोदी को देशहित के विरुद्ध जाकर संरक्षण देना भी इसका प्रमाण है।
सीएम शिवराज को व्यापम घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश करते हुए केंद्र सरकार को पत्र भेजना चाहिए था लेकिन उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर मामले को घुमाने की कोशिश की है।