कोरोना के कारण पूरे देश में लॉकडाउन से मजदूरी करने वाले लोग शहर से अपने गांव की ओर पैदल जा रहे हैं। गरीब- मजदूरों की मदद के लिए पुलिस प्रशासन भी आगे आ रहा है। वहीं सूबे के बड़े नेता भी सरकार से राहत देने की अपील कर रहे हैं।
इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र व राज्य सरकारों से लॉकडाउन के दौरान गरीबों व मजदूरों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की मांग की है।
ट्विटर पर की अपील
मायावती ने ट्विटर पर जारी प्रतिक्र्तिया में कहा है कि 21 दिनों के लॉकडाउन वाली पाबंदियों को कड़ाई से लागू करने की वजह से देश की गरीब व मेहनतकश जनता को पेट भरने यानि उनकी रोटी-रोजी की समस्या खडी हो गई है।
उन्होंने इस समस्या को दूर करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों से राहत पैकेज घोषित करने की मांग पर तुरंत ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस देशबंदी में प्राइवेट सेक्टर को लॉकडाउन के लिए दी गई विभिन्न रिआयतों के साथ-साथ वहां काम करने वाले लोगों को महीने का वेतन दिलाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पैदल ही चल पड़े हैं लोग
पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान होने के बाद हजारों लोग अपने गांव की ओर रूख कर रहे हैं। जिसमें बदायूं, आजमगढ़, कन्नौज, बागपत,इटावा जैसे अनेकों शहरों के काम करने वाले सैंकड़ों मील चल कर
अपने घर पहुंच रहे हैं। साथ ही उनकी रोजी रोटी का भी सवाल खड़ा हो गया है।