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छत्तीसगढ़ में मायावती और अजीत जोगी के बीच गठबंधन, कांग्रेस को झटका

Thu, 20 Sep 2018 07:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अजीत जोगी व मायावती
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने की कांग्रेस व अन्य विपक्षी नेताओं की कोशिशों को तगड़ा झटका दिया है। मायावती ने  छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत जोगी के साथ गठबंधन कर छत्तीसगढ़ विधानसभा का आगामी आमचुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। बसपा 35 और जोगी की पार्टी 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जोगी गठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरा होंगे।

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छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अजीत जोगी ने बृहस्पतिवार को यहां पार्टी सुप्रीमो से उनके माल एवेन्यू स्थित आवास पर मुलाकात की। यहां विस्तृत विचार-विमर्श के बाद बसपा अध्यक्ष ने गठबंधन का एलान किया। मायावती ने कहा गठबंधन को लेकर पार्टी की दो ही शर्त रहती है।

पहला, गठबंधन में सम्मानजनक सीटें मिलें और सत्ता में आने पर उनके  शासनकाल की तरह सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की नीति पर सरकार चले। उन्होंने बहुत विचार-विमर्श के बाद जोगी की पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसाल किया है।
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मायावती ने कहा कि जोगी के पास प्रशासनिक तजुर्बा है। वह आईएएस,  सांसद और मुख्यमंत्री रहे हैं। सर्वसमाज को लेकर चलते हैं। छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में से 55 सीटों पर जकांछ (जे) और 35 सीटों पर बसपा चुनाव लड़ेगी। वहां गठबंधन मैदान में डटकर चुनाव लड़ेगा और सरकार बनाएगा।

मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 वर्ष में सत्ता में है लेकिन उसने घोषणा के अलावा गरीबों, आदिवासियों, दलितों, अति पिछड़ों व किसानों आदि के लिए कोई काम नहीं किया। वहां दोनों पार्टियां मिलकर बीजेपी को रोकने में सक्षम हैं। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि जब सरकार बनेगी तब अजीत जोगी मुख्यमंत्री होंगे। मायावती का जोगी से गठबंधन का एलान कांग्रेस के लिए सीधा झटका माना जा रहा है।

मायावती के नेतृत्व में बढ़ेगा गठबंधन का दायरा

दोनों दलों केअध्यक्षों ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया। इसमें गठबंधन के एलान के साथ यह भी कहा गया है कि मायावती के नेतृत्व में समान विचारधारा के अन्य दलों को भी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देकर गठबंधन का स्वरूप बढ़ाया जाएगा। इससे दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर ढाई करोड़ छत्तीसगढ़वासियों की आवाज बुलंदी से उठाई जा सकेगी।

एमपी, राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी

बसपा ने छत्तीसगढ़ में गठबंधन कर चुनाव लड़ने का एलान किया है लकिन मध्य प्रदेश व राजस्थान में वह अकेले ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर तो इन दोनों राज्यों के बारे में अभी चुनाव की रणनीति का एलान नहीं किया है। लेकिन, संकेत है कि बसपा इन दोनों राज्यों में अकेले चुनाव लड़ेगी। मायावती भाजपा के साथ कांग्रेस पर भी जिस तरह आक्रामक हमले कर रही हैं, उससे कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ बसपा के चुनाव लड़ने के संकेत नहीं हैं।
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मायावती का फैसला यूपी गठबंधन के पैरोकारों को संदेश

मायावती द्वारा छत्तीसगढ़ में गठबंधन कर चुनाव लड़ने के एलान के लिए लखनऊ को चुने जाने के सियासी निहितार्थ तलाशे जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर दिल्ली में कई दौर की वार्ता हो चुकी थी। वह चाहतीं तो बड़ा संदेश देने के लिए छत्तीसगढ़ जाकर गठबंधन का एलान कर सकती थीं।

इसका गठबंधन को ज्यादा मनोवैज्ञानिक फायदा मिल सकता था। मगर, अपनी शर्तों पर ही सियासत करने वाली मायावती तय रणनीति के तहत लखनऊ  लौटीं और छत्तीसगढ़ के चुनाव के लिए गठबंधन का एलान यहां से किया। इसके अलावा वह लगातार सम्मानजनक सीटों की बात दुहरा रही हैं। माना जा रहा है कि यूपी में गठबंधन को सीटों पर मामला फंस गया है और मायावती लगातार यह संदेश दे रही हैं कि वह ज्यादा झुकने वाली नहीं हैं।

अजीत जोगी ने कहा कि बीजेपी 15 वर्षों से सत्ता में है। वे सत्ता, पैसा, प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर फिर से सत्ता में आना चाहते हैं। अब यह बसपा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे का गठबंधन हो गया है। मायावती जी और हम मिलकर भाजपा को अवश्य रोक लेंगे।
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