बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा व बसपा के लोगों से अपील की है कि वे छोटे-मोटे सभी आपसी गिले-शिकवे व मतभेद भुलाकर गंठबंधन को कामयाब बनाएं। बीजेपी की जनविरोधी व अहंकारी सरकार को केन्द्र की सत्ता से हटाना बहुत जरूरी है।
मायावती सपा-बसपा गठबंधन के बाद रविवार को बसपा प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों व अन्य जिम्मेदार लोगों की एक महत्त्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि लोकसभा आमचुनाव में बसपा व सपा गठबन्धन तेजी से मजबूत हुआ है।
इस गंठबंधन को कामयाब बनाने के लिए पूरी लगन से काम करने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन का जो भी प्रत्याशी हो, उसे जिताया जाए। अधिक सांसद जीतकर आएंगे तभी संसद में उनकी भी चलेगी। जो भी सरकार बनेगी, उनकी मर्जी के बिना नहीं बन सकेगी।
उन्होंने इस बैठक में बूथ स्तर तक संगठन की गतिविधियों, चुनावी तैयारियों व सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को मजबूत बनाने के संबंध में किए जा रहे प्रयासों के साथ बसपा-सपा गठबंधन के संबंध में जमीनी तालमेल व तैयारियों की लंबी समीक्षा की। उन्होंने लोकसभा आमचुनाव की फुलप्रूफ तैयारियों के लिए दिशा-निर्देंश भी दिए।
उन्होंने कहा कि गठबन्धन ही यूपी में बीजेपी को पछाड़ने में सक्षम है और यूपी के लोग वादाखिलाफी व जुमलेबाज सरकार की कमर तोड़ेंगे। बसपा की बैठक शुरू होने के पहले पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। मायावती के साथ मंच पर भतीजा आकाश, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा व बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा भी उपस्थित थे।
पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के ठिकाने पर भारतीय वायुसेना के एअर स्ट्राइक से सत्ताधारी भाजपा को फायदे से मायावती सशंकित नजर आईं। उन्होंने पार्टी नेताओं को आगाह किया भाजपा एअर स्ट्राइक व सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा कर लोगों को गुमराह करने का काम करेगी लेकिन जनता को उसके चंगुल में नहीं फंसने देना। उन्होंने अपने नेताओं को प्रदेशवासी शहीदों के परिवारों से मिलकर दु:ख-दर्द बांटते रहने व उनके लिए हर संभव मददगार साबित होने की अपील की।