मंगलवार को जब यूपीए सरकार ने तेलंगाना को अलग राज्य बनाने पर मुहर लगाई, तभी से यह आशंका जताई जाने लगी थी कि इसका असर उत्तर प्रदेश विभाजन पर पड़ना तय है।
अटकलें तेज हो गईं थीं कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कहीं सियासी पार्टियां इस मांग को तूल न दे दें।
बुधवार को बसपा सुप्रीमो ने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई और कहा कि उनकी पार्टी छोटे राज्यों की हिमायती है। वह चाहती हैं कि यूपी को भी चार हिस्सों हरित प्रदेश, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और अवध प्रदेश में बांटा जाए।
उन्होंने तेलंगाना राज्य का समर्थन्ा भी किया। इस दौरान मायावती ने सपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार की वजह से ही प्रदेश में गुंडों और बदमाशों का राज चल रहा है।
उन्होंने मुलायम सिंह यादव को यूपी छोड़कर चले जाने की नसीहत भी दी और कहा कि दुर्गा शक्ति नागपाल को खनन माफियाओं के इशारे पर सस्पेंड किया गया है।
बसपा प्रमुख ने निलंबित एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को वापस लिए जाने की बात कही और कहा कि एक ईमानदार अफसर को गलत सजा दी गई है।