घने कोहरे में टेंपो से भिड़ी रोडवेज बस (फाइल)
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राजधानी लखनऊ में बीते साल जनवरी से दिसंबर तक प्रदेश में सबसे ज्यादा 62 बस दुर्घटनाएं लखनऊ रीजन (परिक्षेत्र) में हुई हैं। बस हादसों में हुईं मौतों के मामले में सबसे ऊपर अलीगढ़ (53) और घायलों के मामलों में हरदोई रीजन (62) टॉप पर रहे। ये आंकड़े परिवहन निगम की ओर से जनवरी से नवंबर 2024 तक की रिपोर्ट में सामने आए हैं। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बसों में अब एंटी स्लीपिंग डिवाइस लगाई जा रही है।
परिवहन निगम के प्रदेश भर में 20 रीजन हैं। आंकड़ों के मुताबिक रोडवेज बसों से हुईं 623 दुर्घटनाओं में 411 लोगों की मौत और 624 यात्री घायल हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर रीजन में हुए 30 बस दुर्घटनाओं में 15 यात्रियों की मौत और 47 घायल हुए। ऐसे ही अयोध्या रीजन में 27 हादसों में 9 यात्रियों की मौत और 18 घायल हुए हैं।
रोडवेज बस दुर्घटना में यात्री की मौत पर आश्रितों को 7.50 लाख रुपये मुआवजा मिलता है। अगर यात्री नाबालिग है तो पौने चार लाख और जिस बच्चे का टिकट नहीं लगता है, उसकी मौत पर 1.57 लाख रुपये मुआवजा मिलता है। गंभीर घायलों को तत्काल सहायता 25 हजार और इलाज पर खर्च राशि में अधिकतम साढ़े सात लाख तक का भुगतान किया जाता है।
ज्यादा दुर्घटना वाले टॉप-3 परिक्षेत्र
रीजन दुर्घटना मृत घायल
- लखनऊ - 62 - 33 - 53
- हरदोई - 55 - 39 - 62
- अलीगढ़ - 39 - 53 52
सबसे कम हादसे वाले रीजन
- चित्रकूट - 30 - 23 - 30
- देवीपाटन - 29 - 12 - 16
- नोएडा - 21 - 15 - 25
परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर ने बताया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बसों में डबल ड्राइवर भेजे जा रहे हैं। एंटी स्लीपिंग डिवाइस भी लगाई जा रही है। इससे ड्राइवर को झपकी आने पर बस में बीप-बीप की आवाज आती है और अफसरों को भी अलर्ट मिलता है। ओवर स्पीडिंग को रोकने के लिए बसों में पहले ही डिवाइस लगाई जा चुकी है।