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95 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं के लिए मनुष्य स्वयं जिम्मेदार: सीएम योगी

Wed, 19 Dec 2018 12:08 AM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 95 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूल की वजह से होती हैं। इसलिए इसमें कमी लाने के लिए आम लोगों को खुद जागरूक होना होगा। जागरूकता ही दुर्घटनाओं में होने वाली जन-धन हानि को कम कर सकती है।

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सरकार के स्तर पर तो इस दिशा में प्रयास किया ही जा रहा है, लेकिन जब तक आम लोग स्वत: नियम पालन के प्रति प्रतिबद्धता नहीं दिखाएंगे, तब तक सरकारी प्रयास का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता है।

मुख्यमंत्री परिवहन विभाग द्वारा मंगलवार को इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित सड़क-सुरक्षा कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों को लोग छोटा समझते हैं।
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वही, नियम जीवनदान देने में सबसे अधिक कारगर हैं। इसलिए वाहन चलाते समय छोटी-छोटी बातें ध्यान दें तो मौत के आंकड़ों को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सकता है।

उन्होंने स्टंट रोकने और ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने पर जोर देते हुए कहा कि चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर फोकस कर हादसों में कमी लाई जा सकती है। इसी तरह हेल्मेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने मात्र से 60 प्रतिशत दुर्घटनाओं में होने वाली मौत को कम किया जा सकता है। 

इस मौके पर परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह और प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला ने विभिन्न सत्रों में हुई चर्चाओं पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छता मोबाइल एप को लॉन्च करने के साथ 6000 करोड़ से अधिक परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। सड़क सुरक्षा को लेकर मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों में बेहतर काम काम करने वाले 57 स्कूली बच्चों को मुख्यमंत्री ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।

पाठ्यक्रम में शामिल किए यातायात नियम 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम व सुरक्षित यातायात के लिए सरकार ने कई नियम बनाए हैं, इन्हें शैक्षिक संस्थाओं के पाठ्यक्रमों में शामिल कराया गया है।

यातायात नियम पालन का दिलाया संकल्प  : केशव मौर्य
रोड इंजीनियरिंग पर आधारित प्रथम सत्र का उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता ठीक  रखने के लिए ओवर लोडिंग को सख्ती से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों को आज के बाद बगैर हेल्मेट व सीट बेल्ट लगाए वाहन नहीं चलाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बच्चों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। 

जागरूकता के लिए विद्यालय उपयुक्त माध्यम : डॉ. शर्मा

‘शिक्षा व जागरूकता’ विषयक सत्र में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विद्यालयों को एक उपयुक्त माध्यम बनाया जा सकता है। इसलिए ही सरकार ने सड़क सुरक्षा को पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि नगर निगम, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग को मिलकर कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।
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एक्सप्रेस-वे किनारे अस्पताल बनेंगे ट्रॉमा सेंटर : सिद्धार्थनाथ

‘इमरजेंसी केयर मैनेजमेंट’ सत्र में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ट्रैफिक नियमों व रोकथाम के उपायों पर ध्यान देकर दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में सड़कों को सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी एक्सप्रेस-वे के किनारे हर 3 किलोमीटर पर एक सरकारी अस्पताल को ट्रॉमा सेंटर के रूप में तब्दील किराया जाएगा। हाईवे पर 712 एंबुलेंस व 150 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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