मुख्यमंत्री ने कहा कि सुगम व सुरक्षित यातायात के लिए सरकार ने कई नियम बनाए हैं, इन्हें शैक्षिक संस्थाओं के पाठ्यक्रमों में शामिल कराया गया है।
यातायात नियम पालन का दिलाया संकल्प : केशव मौर्य
रोड इंजीनियरिंग पर आधारित प्रथम सत्र का उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता ठीक रखने के लिए ओवर लोडिंग को सख्ती से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों को आज के बाद बगैर हेल्मेट व सीट बेल्ट लगाए वाहन नहीं चलाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने बच्चों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया।
‘शिक्षा व जागरूकता’ विषयक सत्र में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विद्यालयों को एक उपयुक्त माध्यम बनाया जा सकता है। इसलिए ही सरकार ने सड़क सुरक्षा को पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि नगर निगम, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग को मिलकर कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए।
‘इमरजेंसी केयर मैनेजमेंट’ सत्र में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि ट्रैफिक नियमों व रोकथाम के उपायों पर ध्यान देकर दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में सड़कों को सुधारने पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी एक्सप्रेस-वे के किनारे हर 3 किलोमीटर पर एक सरकारी अस्पताल को ट्रॉमा सेंटर के रूप में तब्दील किराया जाएगा। हाईवे पर 712 एंबुलेंस व 150 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई जाएगी।