विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आईएएस दुर्गाशक्ति निलंबन मामले में सरकार की हकीकत उजागर हो गई है।
उन्होंने कहा, सीएम बताएं कि भाटी सही बोल रहे हैं या गौतमबुद्धनगर के डीएम, अथवा वे खुद।
मौर्य ने मुख्यमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें दर्जा प्राप्त मंत्री नरेंद्र भाटी को बर्खास्त कर खुद इस्तीफा देकर कुर्सी से हट जाना चाहिए।
मौर्य शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि डीएम की रिपोर्ट से यह बात साफ हो गई है कि आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल की मजिस्द की दीवार गिराए जाने में कोई भूमिका नहीं थी।
दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री नरेंद्र भाटी कहते हैं कि ‘दुर्गा को बहुत समझाया, वह नहीं मानी तो मुलायम सिंह यादव से शिकायत कर उसे 41 मिनट में निलंबित करवा दिया।'
इससे साबित होता है कि आईएएस को हटवाने में भाटी का हाथ है और वे खनन माफिया के संरक्षक हैं।
इसका मतलब यह भी है कि मस्जिद की दीवार गिराने को निलंबन का कारण बताने वाला मुख्यमंत्री का बयान जनता को गुमराह करने वाला और झूठ है।
सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका में दुर्गा को हटाने की दलील हास्यास्पद है। मौर्य ने कहा कि इस सरकार में माफिया, गुंडों, अराजक व आपराधिक तत्वों का राज है।
सपा की सरकार आने के बाद 130 से ज्यादा छोटे और एक दर्जन से ज्यादा बड़े दंगे हुए।
तब सरकार ने किसी डीएम, कमिश्नर, एसपी, डीआईजी पर कार्रवाई नहीं की। अचानक सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका में एक ईमानदार अधिकारी को निलंबित कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि दंगे सपा सरकार की साजिश से हो रहे हैं। सरकार हिंदू, मुस्लिम को लड़ाकर अपना उल्लू सीधा कराना चाहती है।