रायबरेली। दारुल उलूम नदवतुल उलमा (नदवा कॉलेज लखनऊ) के नाजिर और मशहूर आलिमेदीन मौलाना सैयद जाफर मसूद हसनी बृहस्पतिवार को तकिया मैदानपुर स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। जनाजे की नमाज में शामिल होने के लिए रायबरेली और लखनऊ से ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और अन्य प्रांतों से भी लोगों का हुजूम उमड़ा। सुबह से देर शाम तक तांता लगा रहा। तकिया जाने वाले मार्गों पर लाइन लगी रही।मौलाना जाफर मसूद का बुधवार देर शाम शहर में हुए एक सड़क हादसे में इंतकाल हो गया था। इस बात की खबर लगते ही नदवा कॉलेज लखनऊ से लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो बृहस्पतिवार सुबह तक चलता रहा। रायबरेली के लोग भी सुबह तकिया पहुंचने लगे। दिल्ली, कोलकाता समेत कई प्रांतों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। दोपहर में जनाजे की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मिट्टी देने के लिए देर शाम तक लोगों के पहुंचने का तांता लगा रहा।
लखनऊ से मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली सुबह ही पहुंच गए और परिवारीजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। तकिया स्थित पैतृक आवास पर जमावड़ा लगा रहा। शहर से तकिया जाने के लिए दो रास्ते हैं, जिनमें एक चंपा देवी तो दूसरा किला बाजार से जाता है। इन दोनों ही मार्गों पर वाहनों की लाइन लगी रही। पैदल भी लोगों की कतार नजर आई। कई राजनीतिक दलों के लोग लखनऊ से पहुंचे। यूपी समेत कई प्रांतों से उलेमाओं के पहुंचने का सिलसिला भी देर शाम तक चला।
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