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मुलायम-अखिलेश के खिलाफ बगावत!

Sat, 01 Mar 2014 05:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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नवीर-ए-आला हजरत मौलाना तस्लीम रजा खां ने कहा है कि अहले बैत कांफ्रेंस का आयोजन मुस्लिम वोट को आस्था की बुनियाद पर बांटने के मकसद से किया गया था।
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सपा के लोक सभा प्रत्याशी आयशा इस्लाम का परिवार इस राजनीतिक कांफ्रेंस का मुख्य कर्ता-धर्ता था।

सपा की रणनीति से ही कांफ्रेंस को लेकर मुसलमानों में टकराव की वो नौबत आई, जो आज तक कभी नहीं आई थी।

इसलिए चुनाव के दौरान इस्लाम साबिर, वीरपाल तो क्या मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम यादव समेत सपा के किसी भी बंदे को दरगाह आला हजरत पर कदम नहीं रखने दिया जाएगा।

बरेली में घुसने पर लगाई पाबंदी

मौलाना तस्लीम रजा खां ने यह ऐलान शुक्रवार को दोपहर पौने दो बजे आयोजित पत्रकार वार्ता में किया।

उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के इंतखाब कदीरी के पुत्र इंतसाफ कदीरी और मकनपुर के मुनब्बर अली के बरेली प्रवेश करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।

उन्होंने कहा कि अहले बैत कांफ्रेंस में बुजुर्गेदीन की शान में जो गुस्ताखी की गई, उससे आला हजरत के मानने वालों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसके लिए इस्लाम साबिर और अन्य को तौबा कर माफी मांगनी चाहिए।

सपा कभी नहीं रही मुस्लिम हितैषी

मौलाना ने कहा है कि ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ पोस्टर जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सपा कभी भी मुसलमानों की हितैषी नहीं रही है। मौलाना ने कहा कि दरगाह पर किसी भी तरह की सियासत नहीं होने दी जाएगी।

मौलाना ने बताया कि नौ मार्च को गौस-ए-आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इसमें सिलसिले कादरिया के संबंध में उलमा-ए-कराम अपनी तफसील बयान करके आला हजरत की तहरीरी विचार के आधार पर मुस्लिम सुन्नी नौजवानों को दिशा निर्देश जारी करेंगे, ताकि अन्य विचारधारा के लोग उन्हें गुमराह न कर पाएं।
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अभी तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी

मौलाना तस्लीम रजा ने कहा कि मदारी विचारधारा के मुख्य लोगों पर गौस-ए-आजम और आला हजरत की शान में गुस्ताखी करने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली के प्रति मौलाना तस्लीम ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि अब तक न्यायोचित कार्यवाही न होने पर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है।
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