इटौंजा जच्चा-बच्चा केंद्र पर नोटिस चस्पा करती सीएचसी अधीक्षक व टीम।
बख्शी का तालाब। माल रोड पर मरपा के पास स्थित इटौंजा जच्चा-बच्चा केंद्र को सीएचसी अधीक्षक डॉ. किसले बाजपेयी के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार को बंद कराकर नोटिस चस्पा कर दिया है। टीम ने दो कार्य दिवस के अंदर मरीज से जुड़ी फाइल व अस्पताल का पंजीकरण रिकाॅर्ड मांगा है। जवाब न आने पर अस्पताल प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। आरोप है कि सीजेरियन प्रसव के दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ गई थी।
नोटिस में कहा गया है कि अब तक संचालक ने न तो कोई कागज उपलब्ध करवाए और न ही जांच में सहयोग किया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती अस्पताल का संचालन नहीं होगा।
यह था मामला
महिगवां के नरोसा स्थित नोहरी का पुरवा निवासी रिंकू ने अपनी पत्नी सोनम को माल रोड पर मरपा गांव के पास स्थित इटौंजा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था, जहां पर प्रसूता का सिजेरियन प्रसव हुआ था। कुछ देर बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे शिफा हास्पिटल में भर्ती करवाया। कई अस्पतालों में भटकने के बाद आखिर में बीकेटी के एक निजी अस्पताल से उसकी पत्नी का दोबारा ऑपरेशन हुआ तब उसकी जान बची थी। पति ने इंटौजा हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
खून देने वाले ब्लड बैंक पर कार्रवाई की मांग
प्रसूता सोनम के पति रिंकू ने कहा है कि अस्पताल के साथ ही ब्लड बैंक पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिसने बिना डोनर व अधिक रुपये वसूलकर ब्लड उपलब्ध करवाया था। रिंकू ने स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर शिकायत दर्ज करवाने की बात कही है।