अभ्यास सत्र के दौरान लखनऊ सुपरजायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत।
- फोटो : amar ujala
नए कप्तान ऋषभ पंत की अगुवाई में आईपीएल का 18वां संस्करण खेलने उतरी लखनऊ सुपरजायंट्स का अभी तक का सफर औसत दर्जे का रहा है। टीम प्रबंधन के लिए अंतिम एकादश का चुनाव करना बड़ी चुनौती रहा। कप्तान ऋषभ पंत के खराब फाॅर्म ने मुश्किलें और भी बढ़ा दी है, जो अभी तक 11 मैचों में 11.80 के निराशाजनक औसत के साथ 128 रन की बना पाए हैं। इसके अलावा शुरुआती मुकाबलों में रनाें का अंबार लगाने वाले स्टार बल्लेबाज निकोलस पूरन भी पिछले पांच मैचों में महज 61 रन ही बना सके हैं। टीम के लिए ओवरसीज ओपनर मिचेल मार्श (10 मैच में 378 रन) और एडन मार्करम (11 मैच में 348 रन) के अलावा आयुष बडोनी (11 मैच में 326 रन) की बेहतर प्रदर्शन कर सके हैं, जबकि डेविड मिलर (11 मैच में 153 रन) ने टीम प्रबंधन को निराश किया है। गेंदबाजी में लखनऊ के हालात और भी खराब है। टीम में एक भी बड़ा नाम होने का खामियाजा चुकाना पड़ रहा है। युवा स्पिनर दिग्वेश राठी (11 मैच में 29.66 की औसत और 8.09 की इकोनॉमी रेट से 12 विकेट) ही अपनी छाप छोड़ पाए हैं, जबकि भारत की टी-20 टीम के सदस्य रवि बिश्नोई (10 मैच में 41.46 की औसत से नौ विकेट) ने निराश किया है।
सनराइजर्स हैदराबाद सीईओ काव्या मारन
- फोटो : IPL/BCCI
सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल में धमाकेदार अंदाज में शुरुआत की थी, लेकिन बाद में टीम ट्रैक से उतर गई और प्लेऑफ से बाहर हो गई। बावजूद इसके कमिंस एंड कंपनी को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जा सकता है। टीम से घातक सलामी जोड़ी (अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड) किसी भी टीम के गेंदबाजी आक्रमण की बखिया उधेड़ सकती है। इसके बाद हेनरी क्लासेन (11 मैच में 34.55 की औसत से 311 रन) भी बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं। गेंदबाजी की बात की जाए तो कप्तान कमिंस (11 मैच में 13 विकेट) और हर्षल पटेल (11 मैच में 14 विकेट) शानदार फॉर्म में हैं, जबकि मो. शमी भी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। इसके अलावा टीम में शामिल लखनऊ स्पिनर जीशान अंसारी भी अपने घरेलू मैदान में लखनऊ सुपरजायंट्स के बल्लेबाजों पर अपना प्रभाव छोड़ सकते हैं।