फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिप लगाकर कैसे चुराते थे पेट्रोल, पकड़े गए मास्टरमाइंड ने किया खुलासा

Tue, 23 May 2017 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
ठाणे और पुणे से दबोचे गए आरोपी
विज्ञापन
पेट्रोलपंप से घटतौली के जरिए तेल चोरी करने के मामले में यूपी एसटीएफ को रविवार दोपहर बड़ी सफलता मिली। ठाणे पुलिस के सहयोग से यूपी एसटीएफ ने डिस्पेंसर यूनिट में लगाई जा रही माइक्रो चिप बनाने वाले डोंबिवली निवासी विवेक हरिशचंद्र शेट्टी और पुणे के अविनाश मनोहर नाइक को धर दबोचा। 
विज्ञापन


दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें यूपी एसटीएफ के हवाले कर दिया गया। फिलहाल दोनों को लखनऊ लाया जा रहा है। 

आरोपियों के पास से 110 माइक्रो चिप, 201 रिमोट, 210 आरएक्स रिसीवर, 14 डिस्प्ले बोर्ड, एक लैपटॉप, एलएंडटी और मिडको कंपनी की तीन-तीन व ड्रेसर वेन कंपनी की एक पल्सर यूनिट, एक प्रोग्रामर, एक ऑस्किलोस्कोप, एक पावर सप्लाई यूनिट, एक मदर बोर्ड व एक पेन ड्राइव बरामद हुई है।
विज्ञापन


एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि आरोपी विवेक अपनी वर्कशॉप में चिप बनाने और सॉफ्टवेयर लोड करने का काम करता था। जबकि अविनाश रिमोट बनाकर उनकी सप्लाई करता था। दोनों के यूपी में पकड़े गए लोगों, तेल कंपनियों और मशीन लगाने वाली कंपनियों से संबंधों की पड़ताल की जा रही है। एसटीएफ को शातिरों के पास से बरामद पेन ड्राइव में तेल चोरी करने के लिए खासतौर से बनाया गया सॉफ्टवेयर भी मिल गया है।

विवेक इलेक्ट्रॉनिक्स का इंजीनियर, अविनाश मिस्त्री

बरामद हुए 210 र‌िमोट
विवेक हरिश्चंद्र सेत्ये ने मुंबई से इलेक्ट्रॉनिक्स में एमएससी किया है। एमएससी के बाद वर्ष 1991 से 1995 तक उसने अध्यापन का काम किया। इसके बाद उसने क्विक पावर नाम से इनवर्टर बनाने की कंपनी शुरू की। 

वर्ष 2007 में माइक्रो सीट नाम से कंपनी बनाई। इस कंपनी के जरिये वह विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल डिवाइस बनाता था। उधर, अविनाश ने 1996 में हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद वर्ष 1998 में मुंबई की बोरीवली स्थित कोहिनूर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी से इलेक्ट्रॉनिक्स का तीन महीने का कोर्स किया और सिजोन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में काम करने लगा।

अविनाश ने पेट्रोलपंप पर चिप लगाकर घटतौली का धंधा राजेश नगरानी से सीखा था। नगरानी उसकी कंपनी सिजोन इलेक्ट्रॉनिक्स में काम करता था। 

वहीं अविनाश की उससे मुलाकात हुई। वह पेट्रोलपंप की मशीनों में चिप और आरएक्स रिसीवर लगाकर घटतौली करता था। इसके बदले पेट्रोलपंप मालिक उसे मोटी रकम देते थे। राजेश की रईसी देखकर अविनाश भी उसके साथ चिप लगाने के धंधे से जुड़ गया। कुछ समय बाद अविनाश की मुलाकात विवेक हरिश्चंद्र सेत्ये से हुई तो वह भी उसके गिरोह में शामिल हो गया।

चीन और ताइवान से मंगाते थे रिमोट व आरएक्स रिसीवर

र‌िसीवर
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोलपंप पर घटतौली के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रिमोट व आरएक्स रिसीवर चीन और ताइवान से मंगाए जाते हैं जबकि चिप दिल्ली-मुंबई की इलेक्ट्रॉनिक बाजार में खुलेआम मिलती हैं। अविनाश विजल सिस्टम कंपनी के माध्यम से कूरियर से रिमोट व आरएक्स रिसीवर मंगाता था।

लैपटॉप से चिप में इंस्टॉल करते थे घटतौली का सॉफ्टवेयर
अविनाश के संपर्क में आने के बाद विवेक हरिश्चंद्र सेत्ये ने पेट्रोलपंप पर घटतौली करने वाली चिप के लिए प्रोग्रामिंग का काम शुरू कर दिया। 

उसने घटतौली का सॉफ्टवेयर बनाया था जिसे लैपटॉप अथवा प्रोग्रामर के जरिए चिप में इंस्टॉल कर दिया जाता था। इसके बाद ऑसिलोस्कोप के जरिए पेट्रोलपंप की डिस्पेंसर यूनिट में लगे पल्सर और चिप को सिंक्रोनाइज करके रिमोट से घटतौली का खेल शुरू किया जाता था।
विज्ञापन

5000 से 20000 रुपये में बेचते थे डिवाइस

ड‌िवाइस
प्रोग्राम की हुई चिप डिवाइस को अविनाश और विवेक देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित पेट्रोलपंप संचालकों को पांच हजार से 20000 रुपये तक में बेचते थे। 

उत्तर प्रदेश में पकड़े गए अजय चौरसिया को इन्हीं लोगों ने चिप वाली डिवाइस बेची थीं। अजय के जरिए ही एसटीएफ अविनाश और विवेक तक पहुंची थी। 

इन दोनों ने अन्य कई लोगों को भी चिप वाली डिवाइस बेची हैं जिनके बारे में पूछताछ में पता चलेगा। विवेक ने एसटीएफ को बताया कि यह काम वह करीब आठ साल से कर रहा था। इसके अलावा विवेक जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम पर भी काम कर रहा था।

ये है मामला
एसटीएफ ने 27 अप्रैल को लखनऊ के सात पेट्रोल पंप पर छापे मारकर तेल चोरी के हजारों करोड़ रुपये के खेल का पर्दाफाश किया था। 

चारों पेट्रोल पंप के मालिक और पंप की डिस्पेंसर यूनिट में चिप लगाने वाले बिजली मिस्त्री राजेंद्र समेत 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में, मिडको कंपनी के अजय चौरसिया को भी पकड़ा गया और देशभर के पेट्रोल पंप पर छापेमारी करके तेल चोरी का खेल पकड़ा गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें