चिनहट के मटियारी में रविवार सुबह शॉर्ट सर्किट से हिमालय कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग लग गई। एक के बाद एक कई विस्फोट से इलाका दहल उठा। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देख लोग घबरा गए। अंदर मिर्च-मसालों के जलने से उठने वाले धुएं ने पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया।
दमकल कर्मियों ने करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद 15 गाड़ियों, दो हाइड्रोलिक प्लेटफार्म और एक क्रेन की मदद से आग पर काबू पाया। धुएं का गुबार घटनास्थल से पांच किमी दूर से ही नजर आया। आग पर नियंत्रण में मुश्किल आने पर आसपास के घरों को भी खाली कराया गया।
राहुल गुप्ता का मटियारी स्थित अयोध्या रोड के किनारे 55 वर्ष पुराना हिमालय कोल्ड स्टोरेज है। रविवार सुबह करीब 6:30 बजे लोगों को कोल्ड स्टोरेज से आग की लपटें उठती दिखाई पड़ीं। आस-पड़ोस के लोग आग बुझाने में जुट गए मगर लपटें विकराल होती गईं। आग की भयावहता देख मौके पर दमकल की 15 गाड़ियां बुलाई गईं।
मिर्च और मसालों के धुएं से बिगड़ी हालत
दमकल कर्मियों ने कोल्ड स्टोरेज के अंदर जाने की कोशिश की तो अंदर सूखी मिर्च और मसालों से उठने वाले धुएं के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। सभी आंखें जलने लगीं और सांस लेना मुश्किल हो गया। ऐसे में हजरतगंज और गोमतीनगर फायर स्टेशन से दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मंगवाए गए। टीम ने दो भागों में बंट कर आग बुझाने का काम शुरू किया। एक टीम कोल्ड स्टोरेज के पीछे से और दूसरी टीम ने स्टोरेज की छत पर चढ़कर आग बुझाने में जुट गई।
धमाकों से खिड़कियों के शीशे चटके
राहत कार्य के दौरान स्टोरज में धमाके होने लगे। इससे गोदाम के पीछे कॉलोनी में बने घरों की खिड़कियों की शीशे चटक गए। सुबह करीब 10 बजे एक बार तो आग बुझती नजर आई लेकिन कुछ ही देर बार वह फिर धधक उठी। इसके बाद राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी बुलाया गया। टीम ने कोल्ड के वाटर हाइड्रेंट को चालू करने की कोशिश की लेकिन उसने काम नहीं किया। ऐसे में दमकल की गाड़ियों को इंदिरानगर और गोमतीनगर फायर स्टेशन के करीब सौ चक्कर लगाने पड़े।
50 से ज्यादा घरों को कराया गया खाली
आग नियंत्रित न होने पर पुलिस ने एहतियातन कोल्ड स्टोरेज के पीछे दयाल रेजिडेंसी व आसपास के 50 से अधिक घरों को खाली करा लिया। घरों में रखे एलपीजी सिलिंडर भी निकाले गए। लोगों को खुल स्थान पर रखा गया। इस दौरान पुलिस घरों के बाहर चौकस रही।
हवा का रुख बदले से बढ़ी समस्या
राहत कार्य के दौरान हवा का रूख बदलने से धुएं और आग की लपटों ने दमकल कर्मियों को बेबस कर दिया। ऐसे में क्रेन मंगवाकर गोदाम की पिछली दीवार गिरवा दी गई। इससे धुआं तेजी से बाहर निकला और दमकल कर्मियों को तेजी से पानी डालने का मौका मिला। करीब नौ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अपराह्न 3:30 बजे आग बुझाई जा सकी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल का कहना है कि प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग की शुरुआत हुई। अंदर लकड़ी का बुरादा और मसालों के जलने से आग बुझाने के दौरान काफी चुनौतियों को सामना करना पड़ा। गनीमत ये रही कि आग से कोई जनहानि नहीं हुई। सभी लोग सुरक्षित हैं।