सशस्त्र बलों के तीनों सेवाओं व अर्धसैनिक बलों में स्थायी व अस्थायी रूप से नियुक्त/ कमीशंड ऑफिसर/ सैनिक यदि कर्तव्यपालन के दौरान देश की सीमा पर अंतरराष्ट्रीय युद्ध, गोलाबारी, युद्ध के दौरान दुर्घटना, सीमा पर आतंकी घटनाओं व अराजकतत्वों की गतिविधियों में हुई हिंसा, प्राकृतिक आपदा व वाहन दुर्घटना केदौरान शहीद हुआ है या इन परिस्थितियों में लापता हुए हैं और सक्षम न्यायालय ने मृत घोषित किया है, तो उनके आश्रित सरकारी सेवा के लिए पात्र माने जाएंगे।
पात्रता का क्रम
शहीद के विवाहित होने पर क्रम से पत्नी/ पति (जैसी स्थिति हो) , पुत्र/ विधवा पुत्रवधू/ अविवाहित पुत्रियां, कानून संगत दत्तक पुत्र/पुत्रियां, पिता/माता। इनकी शारीरिक व मानसिक अनुपयुक्तता की स्थिति में आश्रित पौत्र व अविवाहित पौत्रियां आश्रित की श्रेणी में माने जाएंगे। यदि शहीद अविवहित है तो पिता, माता, अविवाहित भाई, अविवाहित बहन, विवाहित भाई क्रम से आएंगे।
तीनों सेनाओं से जुड़े शहीद सैनिकों के आश्रितों को नौकरी के लिए आवेदन पत्र सैनिक कल्याण विभाग और अर्धसैनिक बल के लिए प्रदेश के गृह विभाग को देना होगा। इस आवेदन पर शहीद सैनिक से जुड़ी पूरी जानकारी, परिवार के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी।
सैनिक कल्याण व गृह विभाग शहीद आश्रितों के आवेदन पत्रों को विभागों के रोस्टर प्रणाली के तहत नियुक्ति के लिए संबंधित विभाग को भेजेगा। पद न होने पर अधिसंख्य पद सृजित किए जाएंगे। परिवार में नौकरी के लिए एक से अधिक पात्र आश्रित होने पर वरीयता में पहले आने वाले आश्रित को अवसर मिलेगा। यदि वह अपनी वरीयता हस्तांतरित करने का लिखित घोषणापत्र देता है तो अगली वरीयता के आश्रित को नौकरी मिलेगी। नौकरी के लिए न्यूनतम 18 वर्ष उम्र होनी चाहिए। रिटायरमेंट की उम्र पूरी करने पर नियुक्ति पर विचार नहीं होगा।
राज्य लोक सेवा आयोग के बाहर वाले पदों पर मिलेगी नौकरी
मंत्री ने बताया कि सरकार के लोक सेवाओं और अन्य पदों पर शहीदों के आश्रितों को नौकरी दी जाएगी। लेकिन नौकरी राज्य लोक सेवा आयोग के पदों पर नहीं दी जा सकेगी। नियुक्तियों के लिए पद की शैक्षिक अर्हता पूरी करनी होगी। केंद्र व राज्य सरकार तथा उनके अधीन अर्ध सरकारी संस्थानों में कार्यरत सेवानिवृत्त कर्मी व संवैधानिक पदों पर कार्यरत व पूर्व में कार्य कर चुके शहीद के आश्रित सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे।