बादलों की लुकाछिपी के बीच सोमवार को इस सहालग की आखिरी शहनाई बज गई।
अब लोगों को सहालग के लिए अगले करीब पांच महीने का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। 8 जुलाई मंगलवार को देवशयनी एकादशी से भगवान नारायण सोने जा रहे हैं।
उसके बाद अगली लग्न भगवान के जागने पर 26 नवंबर के बाद ही मिलेगी।
यही नहीं घुड़चढ़ी की जुगत में लगे लोगों को इस जाडे़ में महज 8 लग्नें ही मिलेंगी। सोमवार को सात जुलाई को आखिरी लग्न में भी शहर में कई जगह शादियां हुईं।
आचार्य प्रदीप ने बताया कि 8 जुलाई को हरिशयनी एकादशी पर देवता सो जाएंगे।
हरिशयनी एकादशी के साथ ही चौमासा शुरू हो जाएगा। 3 नवंबर को लगभग चार महीने बाद देवोत्थानी एकादशी पर देवता जागेंगे। लेकिन तब शुक्र अस्त के चलते लग्नें नहीं मिलेंगी।
देवताओं के जगने के बाद सहालग
नवंबर माह में-- 26 और 30 नवंबर
दिसंबर माह में--1, 6, 7, 12, 15 और 16 दिसंबर
जनवरी माह 2015 में 15, 18, 19, 24, 25, 26, 29, 30 और 31 जनवरी
फरवरी माह में 2015 में - 4, 5, 7, 8, 10, 11, 12, 14, 15, 16, 17, 20, 21, 22, 25, 26 और 27 फरवरी
मार्च माह 2015 में - 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 मार्च