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थाने में बजी शहनाई, पुलिस बनी जनाती

Sun, 10 May 2015 11:51 AM IST
मनीष कुमार मिश्रा/अमर उजाला, लखनऊ
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जहां रोजाना अपराधियों की धर-पकड़, उनपर बरसती लाठियों की गूंज और गाली-गलौज सुनाई देती है, वहां शनिवार को शहनाई की धुन गूंजी। परिवारवालों से दूर अपनी पहचान छुपाकर दो वर्ष से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे प्रेमी जोड़े की पीजीआई थाने में शनिवार को धूम-धाम से शादी कराई गई।
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इस शादी में पीजीआई थाने के पुलिस कर्मी जनाती की भूमिका में थे। एसओ पीजीआई ने बेटी के पिता की भूमिका निभाई तो लड़के के मां-बाप भी सार्वजनिक रूप से अपनी बहू को आशीर्वाद देने से नहीं चूके।

पुलिस ने सभी की मौजूदगी में नवदंपती से शादी बंधपत्र पर दस्तखत करवाए। इसके बाद लड़की को लड़के के साथ ससुराल रवाना कर दिया गया। एसओ पीजीआई अरविंद पांडेय ने बताया कि गांव समाखेड़ा निवासी राम औतार के बेटे रंजीत कुमार का मोहनलालगंज की रहने वाले ज्योति सरन से प्रेम संबंध था।
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दोनों लगभग दो वर्ष से चोरी छुपे एक दूसरे के साथ किराये के मकान में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। आस-पड़ोस में भी उन्होंने यही बता रखा था। दोनों ने साथ जीने व मरने की कसमें तो खा ली थीं लेकिन परिवारवालों के विरोध के चलते शादी के बंधन में नहीं बंध सके थे।
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लड़के ने पहले कर दिया था शादी से इनकार

लगभग एक माह पहले रंजीत अपने परिवारवालों के दबाव में आ गया। उन्होंने एक लड़की से उसका रिश्ता भी तय कर दिया। इसके बाद रंजीत ने भी ज्योति के संग दूरियां बनानी शुरू कर दी तो वह निराश हो गई।

उसने लड़के के घर पहुंच कर सबके हाथ-पांव जोड़े लेकिन कोई उससे शादी करने को तैयार नहीं था। इससे लड़की ने पीजीआई थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। साथ ही पुलिस को रंजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी।

पुलिस ने रंजीत को लेकर हिरासत में लिया और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की बात कही तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। पुलिस के समझाने पर वह शादी के लिए राजी हो गया। इसके बाद थाने में दोनों की शादी कराई गई।

दोनों ने एक-दूसरे के साथ पति-पत्नी की तरह साथ जीने मरने की कसमें खाईं। अपने-अपने उत्तर दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करने का वादा किया।

पुलिस की मौजूदगी में दोनों ने शादी बंधपत्र पर हस्ताक्षर किए। इसमें रंजीत के पिता राम औतार भी गवाह बने। इसके बाद लड़की की लड़के के संग विदाई कर दी गई। 
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