सेवानिवृत्त आईएएस मोहिंदर सिंह।
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बसपा सरकार में अंजाम दिए गए स्मारक घोटाले में ईडी ने बीते सप्ताह लखनऊ के मशहूर मार्बल कारोबारी से पूछताछ की है। जांच के दायरे में आए कारोबारी को पूर्ववर्ती सपा सरकार में कुछ कारीगरों का भुगतान नहीं करने की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने शिकंजा कसा था। वहीं, दूसरी ओर पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह के ठिकानों से मिली अकूत संपत्तियों की जानकारी के बाद उन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।
बता दें कि बसपा सरकार में महापुरुषों के नाम पर नोएडा और लखनऊ में स्मारकों व पार्कों का निर्माण किया गया था, जिसकी लोकायुक्त जांच में 14 अरब का घोटाला अंजाम देने का खुलासा हुआ था। तत्कालीन सपा सरकार ने इसकी जांच विजिलेंस को दी थी। वहीं, ईडी ने दो तत्कालीन मंत्रियों समेत 199 आरोपियों के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सूत्रों की मानें तो स्मारकों में पत्थरों की आपूर्ति करने वाली कंपनी के निदेशक से ईडी के अधिकारियों ने बीते सप्ताह पूछताछ की है। अब मोहिंदर सिंह से भी इस प्रकरण में पूछताछ की जाएगी। बता दें कि मोहिंदर सिंह बसपा सरकार में स्मारकों में लगने वाले पत्थरों का दाम तय करने वाली कमेटी में शामिल थे।
सेवानिवृत्त होने के बाद उनका कोई पता नहीं चलने की वजह से ईडी और विजिलेंस द्वारा भेजे गए नोटिस वापस आ गए थे। मंगलवार को ईडी के छापे में वह चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर मौजूद थे। इसके बाद उनसे 14 घंटे तक पूछताछ की गई थी। माेहिंदर का बयान स्मारक घोटाले के बड़े सफेदपोश आरोपियों की मुश्किल बढ़ा सकते हैं।