नई दिल्ली जाने वाली एसी सुपरफास्ट के सेकेंड एसी में 96 सीटें थीं, जिसमें 40 खाली रह गईं। थर्ड एसी की 241 सीटें पूरी नहीं भर पाईं। ऐसे ही लखनऊ मेल की थर्ड एसी में 88 सीटें नहीं भर पाईं और सेकेंड एसी में 51 में से 15 सीटें खाली रह गईं।
स्लीपर बोगी की 96 सीटों के लिए भी आवेदन नहीं मिले। वहीं, शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव क्लास की 12 सीटों में तीन सीटों पर ही बुकिंग हुई। वहीं, एसी चेयरकार की 125 सीटों में से 60 खाली रह गईं।
इधर, कई यात्री नहीं कर पाए सफर
एक ओर तत्काल की सीटें फुल नहीं हो सकीं, वहीं जिन यात्रियों के पास वेटिंग के टिकट थे, उन्हें यात्रा का मौका नहीं मिल सका। पूजा सिंह ने बताया कि दिल्ली की ट्रेन में उनका वेटिंग में टिकट था, जो कंफर्म नहीं हो सका। ऐसे ही अंशु पाठक का मुंबई का टिकट कंफर्म नहीं हो पाया। कहा, तत्काल की खाली सीटें ही अलॉट कर देते तो सफर हो जाता।