उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने 30 जून 2017 को एक केस दर्ज किया था। सीबीआई मुख्यालय दिल्ली में दर्ज हुए इस मामले में कौशांबी के सहायक भू-विज्ञान अधिकारी समेत नौ लोगों को नामजद किया गया था। सीबीआई ने शुरुआती जांच में पाया कि कौशांबी में अवैध खनन से सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने में तत्कालीन सहायक भू-विज्ञान अधिकारी अरविंद कुमार दोषी हैं।
अरविंद पर आरोप था कि उन्होंने नियमों को दरकिनार करते हुए प्राइवेट लोगों के साथ षड्यंत्र रचा। इस मामले में सीबीआई ने वर्ष 2015-16 में अवैध खनन में शामिल खनन माफिया अमित यादव, जेपी पांडेय, अनिल यादव, राशिद अजीज, मोहम्मद रिजवान, नरेंद्र पाल सिंह, बलजीत सिंह और हरबीर सिंह को नामजद करने के साथ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। लगभग डेढ़ साल बाद सीबीआई ने इस मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की है।