ग्राम पंचायतों में बाजार दर से दो से तीन गुनी दर पर पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर खरीद घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के सवालों का जवाब देने में कई जिलों के डीएम को मुश्किल हो सकती है। एसआईटी ने जिलाधिकारियों से जो सवाल पूछे हैं, उससे घोटाले की परत-दर-परत खुल सकती है।
सूत्रों की मानें तो यह जानकारी सामने आ रही है कि एक ही फर्म और ब्रांड होने के बावजूद पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की खरीद अलग-अलग जिलों में अलग-अलग रेट पर की गई। इनके दाम में भी काफी अंतर बताया जा रहा है। इससे खरीदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एसआईटी ने सभी डीएम से ब्रांड और फर्मवार मूल्य के साथ क्रय प्रक्रिया, गुणवत्ता समेत कई अन्य जानकारियां तलब की हैं। ब्रांड व फर्मवार रेट से खुलासा हो सकता है कि इनकी दरों में कितना अंतर रहा। एसआईटी को 20 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट शासन को देनी है।
इस मामले में शिकायतें मिलने के बाद सुल्तानपुर और गाजीपुर के जिला पंचायत अधिकारी निलंबित कर दिए गए थे। कई और जिलों से शिकायतों के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जांच के लिए अपर मुख्य सचिव राजस्व एवं बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी बना दी गई।
कई बिंदुओं पर मांगा जवाब...
रेणुका ने 11 सितंबर को ही सभी डीएम को पत्र भेजकर 12 बिंदुओं पर दो दिन में जवाब मांगा था। कई जिलों से जवाब आ गए हैं। सवालों पर वे डीएम फंसते नजर आ रहे हैं, जिनके जिलों में प्रोक्योरमेंट के कायदे-कानूनों का पालन नहीं किया गया। एसआईटी ने इन सवालों का मांगा है जवाब...
- पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर का सेट खरीदने के लिए क्या पंचायतीराज विभाग से कोई गाइडलाइन मिली थी?
- अपर मुख्य सचिव पंचायती राज के 23 जून के पत्र में क्रय प्रक्रिया, ब्रांड, रेट तथा खरीद करने की समय सीमा का उल्लेख नहीं है। क्या इस संबंध में पंचायतीराज विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉर्पोरेशन अथवा किसी अन्य विभाग या अधिकारी से कोई पत्राचार किया गया?
क्या थी डीपीआरओ की भूमिका, भुगतान रोकने के प्रयास किए या नहीं
- रेणुका ने सभी डीएम से रिपोर्ट मांगी है कि खरीद में जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) की क्या भूमिका रही? क्या ग्राम प्रधानों को मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए ब्रांड, फर्म, रेट, क्रय प्रक्रिया व गुणवत्ता के संबंध में कोई जानकारी दी गई थी?
- क्या क्रय-प्रक्रिया के दौरान अधिक रेट पर खरीद की शिकायतें मिली थीं? क्या ऐसे मामलों में भुगतान रोकने के प्रयास किए गए?
कितनी किट खरीदी गईं, ग्रामवार और फर्मवार मांगी पूरी जानकारी
- एसआईटी ने सभी जिलों से सूचना मांगी है कि कितनी ग्राम पंचायतों में पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर की कितनी किट खरीदी गई। किट में क्या-क्या सामग्री थी और किस रेट में खरीदी गई? ब्रांड नेम और ग्राम पंचायतवार व फर्मवार उनका रेट मांगा है। डीपीआरओ का लिखित कथन, उनके कार्यालय से खरीद संबंधी पत्रावली और डीएम द्वारा डीपीआरओ को दिए गए निर्देशों की प्रति भी तलब की है।